
संजय गुप्ता (फोटो सोर्स- IMDb)
Sanjay Gupta Death News: फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन से बॉलीवुड में शोक का माहौल है। 30 अक्टूबर 2026 को 57 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहने वाले संजय गुप्ता को उनके करीबी और इंडस्ट्री से जुड़े लोग याद कर रहे हैं। इसी बीच फिल्ममेकर मिलाप जावेरी ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी है। संजय गुप्ता को याद करते हुए मिलाप भावुक हो गए और बातचीत के दौरान अपने आंसू नहीं रोक पाए। उन्होंने कहा कि संजय गुप्ता उनके गुरु थे और उनके करियर को बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा।
'न्यूज 18' के शोशा से खास बातचीत में मिलाप जावेरी ने संजय गुप्ता के निधन पर दुख जाहिर किया। वह इतने भावुक थे कि कुछ देर तक अपनी बात भी पूरी नहीं कर पाए। उन्होंने कहा, 'वो मेरे गुरु थे। ये बहुत दुखद है। मैं अभी बात नहीं कर सकता। मेरे करियर में उनका बहुत बड़ा योगदान था। उन्होंने मुझे फिल्म ‘कांटे’ में पहला मौका दिया था।'
मिलाप के इस बयान से साफ है कि संजय गुप्ता उनके लिए सिर्फ एक निर्देशक या सहयोगी नहीं थे, बल्कि ऐसे मार्गदर्शक थे जिन्होंने उनके करियर की शुरुआत में अहम भूमिका निभाई।
मिलाप जावेरी ने बताया कि संजय गुप्ता ने उन्हें फिल्म ‘कांटे’ के जरिए पहला मौका दिया था। साल 2002 में रिलीज हुई इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकार नजर आए थे।
मिलाप ने इस फिल्म में डायलॉग राइटर के तौर पर काम किया था। इसी प्रोजेक्ट से उनका संजय गुप्ता के साथ रचनात्मक और पेशेवर रिश्ता शुरू हुआ। आगे चलकर दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया और उनकी यह साझेदारी लंबे समय तक जारी रही।
‘कांटे’ के बाद मिलाप जावेरी और संजय गुप्ता की जोड़ी ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ और ‘शूटआउट एट वडाला’ जैसी फिल्मों में भी साथ नजर आई। इन फिल्मों में मिलाप ने संवाद लेखन से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।
संजय गुप्ता अपनी अलग तरह की फिल्ममेकिंग और क्राइम-एक्शन कहानियों के लिए पहचाने जाते थे। ‘कांटे’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’ और ‘मुंबई सागा’ उनकी चर्चित फिल्मों में शामिल हैं।
संजय गुप्ता के निधन की खबर 30 अक्टूबर को सामने आई थी। उनके जाने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई कलाकार और फिल्ममेकर उन्हें याद कर रहे हैं। मिलाप जावेरी की भावुक प्रतिक्रिया बताती है कि संजय गुप्ता का प्रभाव उनके साथ काम करने वाले लोगों के लिए कितना गहरा था।
मिलाप के लिए संजय गुप्ता का जाना एक ऐसे गुरु और मार्गदर्शक को खोने जैसा है, जिन्होंने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में पहला अवसर दिया और उनके करियर की दिशा तय करने में मदद की।
Updated on:
31 Oct 2026, 1:25 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 1:25 PM IST
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