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Sanjay Gupta Cause Of Death: 57 की उम्र में अचानक कैसे हुआ संजय गुप्ता का निधन? पोस्ट से मिली जानकारी

Sanjay Gupta Cause Of Death: फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 57 साल की उम्र में निधन हो गया है। फिल्ममेकर के निधन के बाद अब सब लोग ये जानना चाहते हैं कि आखिर वो क्या कारण था जिनकी वजह से उनका निधन हो गया है।
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मुंबई

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Himanshu Soni

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Updated: 31 Oct 2026, 12:13 PM IST

Sanjay Gupta Passed Away

Sanjay Gupta Passed Away

Sanjay Gupta Passed Away: बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री को बड़ा झटका लगा है। ‘कांटे’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वडाला’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्मों के निर्देशन के लिए पहचाने जाने वाले संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित उनके घर पर निधन हो गया। वह 57 साल के थे। रिपोर्ट के मुताबिक, घर पर अचानक गिरने की वजह से उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। फिल्ममेकर अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनके निधन की पुष्टि की।

घर पर हादसे के बाद सिर में लगी चोट

संजय गुप्ता की मौत की वजह एक दुर्घटनावश गिरना बताई गई है। वह अपने मुंबई स्थित घर पर गिर गए थे, जिससे उनके सिर में चोट लगी। इसी चोट के कारण उनकी जान चली गई। उनके निधन की खबर की पुष्टि करते हुए अशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर दुख जताया और उन्हें एक बेहतरीन निर्देशक, शानदार कहानीकार और जुनूनी फिल्ममेकर बताया।

अशोक पंडित ने अपने पोस्ट में लिखा कि संजय गुप्ता के निधन की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। उन्होंने कहा कि संजय गुप्ता एक जिंदादिल इंसान और बेहतरीन कहानी सुनाने वाले निर्देशक थे। उन्होंने उनके निधन को फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति बताया।

पहले भी हो चुके थे बड़े हादसे का शिकार

संजय गुप्ता इससे पहले भी एक बड़े सड़क हादसे से गुजर चुके थे। कई साल पहले पुणे से मुंबई जाते समय उनका गंभीर एक्सीडेंट हुआ था। इस दुर्घटना में उन्हें कई चोटें आई थीं, लेकिन वह उस हादसे से उबर गए थे। इसके बाद उन्होंने अपने फिल्मी करियर को लगातार आगे बढ़ाया।

क्राइम और एक्शन फिल्मों से बनाई अलग पहचान

संजय गुप्ता ने तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में क्राइम थ्रिलर और एक्शन फिल्मों के जरिए बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने ‘हंसते-हंसते’ से लेकर ‘मुसाफिर’, ‘जिंदा’, ‘दस कहानियां’, ‘शूटआउट एट वडाला’, ‘जज्बा’, ‘काबिल’ और ‘मुंबई सागा’ जैसी फिल्मों का निर्देशन किया।

उनके करियर की चर्चित फिल्मों में ‘कांटे’ और ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’ भी शामिल हैं। उनकी फिल्मों में अपराध की दुनिया, एक्शन और तेज रफ्तार कहानी को खास जगह मिलती थी।

खुद का प्रोडक्शन हाउस भी बनाया

संजय गुप्ता ने अपने करियर के दौरान ‘व्हाइट फेदर फिल्म्स’ नाम से प्रोडक्शन हाउस भी शुरू किया था। उन्होंने फिल्मों में लेखक, निर्देशक और निर्माता के तौर पर काम किया। फिल्म निर्माण के अलावा वह सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहते थे और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ समसामयिक मामलों पर अपनी राय साझा करते थे।

हाल ही में उन्होंने उत्तराखंड विवाद को लेकर गायक दलेर मेहंदी के समर्थन में भी पोस्ट किया था। उनकी सोशल मीडिया गतिविधियों से पता चलता था कि वह इंडस्ट्री और देश-दुनिया से जुड़े मुद्दों पर लगातार नजर रखते थे।

‘द मिरांडा ब्रदर्स’ थी आखिरी फिल्म

संजय गुप्ता की आखिरी निर्देशित फिल्म ‘द मिरांडा ब्रदर्स’ थी। इसमें हर्षवर्धन राणे और मीजान जाफरी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। तीन दशक से ज्यादा समय तक बॉलीवुड में सक्रिय रहने वाले संजय गुप्ता ने एक्शन और क्राइम सिनेमा को अपनी खास शैली दी।

57 साल की उम्र में उनका अचानक निधन फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। उनके निधन की खबर के बाद फिल्म जगत से जुड़े लोग और उनके प्रशंसक उन्हें सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि दे रहे हैं।