
Kishore Kumar Biography: बॉलीवुड में कुछ रिश्ते सिर्फ नाम के नहीं होते बल्कि यादों का हिस्सा बन जाते हैं। राजेश खन्ना और किशोर कुमार की जोड़ी भी ऐसी ही थी। एक तरफ राजेश खन्ना का रोमांटिक अंदाज और दूसरी तरफ किशोर कुमार की दिल छू लेने वाली आवाज। दोनों ने मिलकर ऐसे गाने दिए, जो आज भी लोगों के दिलों में बसे हुए हैं।
लेकिन इस सुपरहिट जोड़ी की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी। राजेश खन्ना के लिए गाना गाने से पहले किशोर कुमार ने उनसे मुलाकात की थी। उन्होंने पहले उन्हें समझा और फिर उनकी आवाज बनने का फैसला किया। इसके बाद जो हुआ, वह बॉलीवुड के इतिहास की सबसे अच्छी जोड़ियों में एक माने जाने लगी।
साल 1969 में फिल्म 'आराधना' किशोर कुमार और राजेश खन्ना दोनों के करियर के लिए बेहद खास साबित हुई। फिल्म के निर्देशक शक्ति सामंत और संगीतकार एसडी बर्मन चाहते थे कि किशोर कुमार, राजेश खन्ना के लिए आवाज दें। उस समय राजेश खन्ना नए कलाकार थे। किशोर कुमार किसी भी अभिनेता के लिए गाने से पहले उसे समझना चाहते थे। इसलिए उन्होंने राजेश खन्ना से मिलने की इच्छा जताई। दोनों की मुलाकात हुई। बातचीत के दौरान किशोर कुमार राजेश खन्ना के व्यक्तित्व से काफी प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने उनके लिए गाने की हामी भर दी।
फिल्म 'आराधना' के गाने रिलीज होते ही पूरे देश में लोकप्रिय हो गए। 'मेरे सपनों की रानी' और 'रूप तेरा मस्ताना' जैसे गीतों ने तहलका मचा दिया। इन गानों ने किशोर कुमार को नई पहचान दी। वहीं राजेश खन्ना रातोंरात बड़े सितारे बन गए। इसके बाद दोनों की जोड़ी लगातार सफल होती चली गई।
राजेश खन्ना की स्क्रीन पर मौजूदगी और किशोर कुमार की आवाज का मेल दर्शकों को बेहद पसंद आया। यही वजह थी कि दोनों की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे यादगार जोड़ियों में शामिल हो गई।
किशोर कुमार ने राजेश खन्ना पर फिल्माए गए करीब 245 गाने गाए। दोनों ने लगभग 92 फिल्मों में साथ काम किया। यह आंकड़ा आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे खास साझेदारियों में गिना जाता है। 'अमर प्रेम', 'कटी पतंग' और 'हाथी मेरे साथी' जैसी फिल्मों के गानों ने इस जोड़ी को अमर बना दिया।
बता दें किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उन्होंने अभिनय भी किया, लेकिन उनकी असली पहचान उनकी आवाज बनी। एक सच ये भी है कि वह सिंगर कभी बनना ही नहीं चाहते थे। लेकिन उन्होंने अपने करियर में कई यादगार गाने दिए और आठ बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते। 13 अक्टूबर 1987 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी आवाज आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जिंदा है।