
Suhasini Mulay Marriage At 60: बॉलीवुड की दुनिया में कई प्रेम कहानियां सुर्खियां बनती रही हैं, लेकिन कुछ किस्से ऐसे होते हैं जो यह साबित कर देते हैं कि जिंदगी किसी भी उम्र में नया मोड़ ले सकती है। ‘लगान’, ‘जोधा अकबर’ और कई यादगार फिल्मों में अपनी दमदार अदाकारी से पहचान बनाने वाली अभिनेत्री सुहासिनी मुले की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। उन्होंने 60 साल की उम्र तक शादी नहीं की, लेकिन जब उन्हें सही साथी मिला तो महज 75 दिनों के भीतर उन्होंने सात फेरे ले लिए।
सुहासिनी मुले ने अपने लंबे फिल्मी करियर के दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन निजी जिंदगी में उन्होंने कभी समझौता नहीं किया। सुहाना सफर से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैंने 60 साल की उम्र में शादी की थी। उससे पहले मुझे कभी ऐसा साथी नहीं मिला, जिसे मैं अपने लिए सही मान सकूं। मेरे पति एक बेहद फेमस वैज्ञानिक हैं। जब वो विज्ञान की बातें करते हैं तो मुझे उनमें से बहुत कुछ समझ नहीं आता, लेकिन एक इंसान के तौर पर वो बेहद शानदार और संवेदनशील व्यक्ति हैं।
उन्होंने कहा, 'उन्होंने कभी सीधे तौर पर मुझे प्रपोज नहीं किया, लेकिन उनकी बातों में इशारा जरूर था। जब मुझे एहसास हुआ कि वो अपने लिए जीवनसाथी की तलाश में हैं, तो मैं मन ही मन हंस पड़ी। मैंने सोचा, ‘जब 60 सालों में मुझे अपने लिए सही इंसान नहीं मिला, तो अब अचानक कैसे मिल जाएगा?'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर उनकी नजर वैज्ञानिक अतुल गुर्तू के प्रोफाइल पर पड़ी। विज्ञान में रुचि रखने वाली सुहासिनी ने उनसे बातचीत शुरू की। शुरुआत सामान्य संदेशों से हुई, फिर ईमेल के जरिए दोनों के बीच बढ़ती गई। धीरे-धीरे दोनों को महसूस हुआ कि उनकी सोच और जीवन के प्रति नजरिया काफी हद तक मिलता है।
सोशल मीडिया पर लोगों की असली पहचान को लेकर सतर्क रहने वाली सुहासिनी ने जल्दबाजी नहीं की। उन्होंने पहले अतुल गुर्तू के बारे में जानकारी जुटाई और उनकी प्रोफाइल की सच्चाई की पुष्टि की। दोस्तों और करीबी लोगों से सलाह लेने के बाद उन्होंने इस रिश्ते को एक मौका देने का फैसला किया।
दीवाली के बाद दोनों की पहली मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद बातचीत का सिलसिला तेजी से आगे बढ़ा। दोनों ने महसूस किया कि वे जीवन के इस पड़ाव पर एक-दूसरे के साथ खुश रह सकते हैं। इसके बाद ज्यादा इंतजार किए बिना जनवरी में शादी करने का निर्णय ले लिया। पहली मुलाकात से लेकर विवाह तक का सफर केवल 75 दिनों में पूरा हो गया।
जब सुहासिनी ने अपनी मां को बताया कि उन्हें जीवनसाथी मिल गया है तो शुरुआत में उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। बाद में जब अतुल गुर्तू से मुलाकात हुई तो उन्होंने बेटी के फैसले का समर्थन किया और माना कि उसे एक समझदार और संवेदनशील इंसान मिला है।
शादी के बाद भी सुहासिनी को लोगों की टिप्पणियों का सामना करना पड़ा। लेकिन उन्होंने हमेशा यही कहा कि समाज हर फैसले पर राय देता है, इसलिए जरूरी ये है कि इंसान अपने दिल की सुने। आज दोनों की शादी को 15 साल से ज्यादा का समय हो चुका है और ये जोड़ी इस बात का उदाहरण बन चुकी है कि सच्चा प्यार किसी उम्र का मोहताज नहीं होता।