Asha Bhosle-Lata Mangeshkar Relationship: 92 साल की उम्र में आशा भोसले के निधन से देशभर में शोक की लहर है। इसी बीच आशा का बड़ी बहन लता के साथ कैसा था रिश्ता, चलिए जानते हैं।
Asha Bhosle-Lata Mangeshkar Relationship: भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम संगीत युग की जब भी चर्चा होती है, तो दो नाम सबसे पहले सामने आते हैं—लता मंगेशकर और आशा भोसले। दोनों बहनों ने अपनी आवाज़ से न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि पूरी दुनिया में भारतीय संगीत की पहचान को नई ऊंचाई दी। हालांकि लंबे समय तक यह चर्चा भी चलती रही कि क्या दोनों के बीच पेशेवर प्रतिस्पर्धा ने रिश्तों में दूरी पैदा की थी। इस सवाल का जवाब खुद आशा भोसले ने कई इंटरव्यू में बेहद सहज अंदाज में दिया था।
मंगेशकर परिवार में जन्मीं इन दोनों बहनों के जीवन में संगीत बचपन से ही रचा-बसा था। उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी बड़ी बहन लता मंगेशकर के कंधों पर आ गई। उन्होंने कम उम्र में ही परिवार को संभालते हुए संगीत की दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऐसे में स्वाभाविक था कि छोटी बहन आशा भोसले के लिए शुरुआत आसान नहीं रही।
जहां लता मंगेशकर को जल्दी ही मधुर और भावपूर्ण गीतों की पहचान मिली, वहीं आशा भोसले को शुरुआत में अलग तरह के गीतों के लिए चुना गया। क्लब सॉन्ग, कैबरे और प्रयोगात्मक संगीत से जुड़ने के कारण उनकी अलग छवि बन गई। इसी वजह से दोनों की तुलना अक्सर होने लगी और धीरे-धीरे यह धारणा बनने लगी कि दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा है।
हालांकि आशा भोसले ने हमेशा इस धारणा को गलत बताया। उनका कहना था कि लता मंगेशकर सिर्फ उनकी बड़ी बहन ही नहीं बल्कि उनके लिए गुरु और मां जैसी थीं। उन्होंने कई बार यह भी कहा कि उनके बीच प्रतिस्पर्धा जरूर थी, लेकिन वह स्वस्थ प्रतिस्पर्धा थी जिसने दोनों को बेहतर बनने के लिए प्रेरित किया।
समय के साथ दोनों बहनों के रिश्तों को लेकर कई तरह की बातें सामने आईं, खासकर आशा भोसले की कम उम्र में हुई शादी और उससे जुड़े संघर्षों ने रिश्तों में दूरी पैदा की। बावजूद इसके, दोनों के बीच सम्मान कभी कम नहीं हुआ। सार्वजनिक मंचों पर भी दोनों एक-दूसरे की प्रतिभा की खुलकर सराहना करती थीं।
दिलचस्प बात यह है कि दोनों बहनों ने साथ मिलकर दर्जनों गीतों में अपनी आवाज दी और हर बार उनकी जुगलबंदी को श्रोताओं ने खूब पसंद किया। आशा भोसले ने एक बार बताया था कि जब भी उन्हें लता मंगेशकर के साथ रिकॉर्डिंग करनी होती थी, तो वह पहले से तैयारी करती थीं कि दीदी गाने में कौन-सा खास अंदाज ला सकती हैं। यही स्वस्थ प्रतिस्पर्धा उनकी गायकी को और निखारती थी।
एक इंटरव्यू में लता मंगेशकर से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी आशा भोसले के करियर को प्रभावित करने की कोशिश की, तो उन्होंने साफ कहा था कि अगर ऐसा होता तो आशा भोसले इतनी बड़ी गायिका नहीं बन पातीं। उन्होंने हमेशा आशा की अलग पहचान और उनके साहसिक प्रयोगों की सराहना की।