Mithun Chakraborty On Dhurandhar 2 Propaganda Row: बॉलीवुड एक्टर और राजनेता मिथुन चक्रवर्ती ने हाल ही में धुरंधर 2 को लेकर हो रहे विवाद पर अपना रिएक्शन दिया है। मिथुन ने क्या कुछ कहा है, चलिए जानते हैं।
Mithun Chakraborty On Dhurandhar 2 Propaganda Row: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और राजनेता मिथुन चक्रवर्ती ने हाल ही में अभिनेता रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' को लेकर चल रहे ‘प्रोपेगेंडा’ विवाद पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर फिल्म असल में प्रमोशनल फिल्म होती, तो इसे रिलीज होने से पहले ही रोक दिया जाना चाहिए था। उनके इस बयान ने एक बार फिर फिल्म और राजनीति के बीच चल रही बहस को तेज कर दिया है।
मिथुन चक्रवर्ती ने IANS से बातचीत के दौरान कहा कि फिल्म को लेकर विरोध अब तब सामने आया है, जब ये पहले ही सिनेमाघरों में रिलीज होकर दर्शकों तक पहुंच चुकी है। उनके मुताबिक, रिलीज के बाद किसी फिल्म को प्रचार बताना उचित नहीं है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि यदि फिल्म में ऐसी कोई आपत्ति थी, तो पहले ही इसे रोकने की कोशिश क्यों नहीं की गई।
इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म 'द बंगाल फाइल्स' का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी फिल्म को तो रिलीज होने का मौका ही नहीं दिया गया था। मिथुन के अनुसार, उनकी ये फिल्म ऐतिहासिक घटना नोआखली नरसंहार पर आधारित थी, जो देश के इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। इसके बावजूद फिल्म को दर्शकों तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया, जो उनके लिए बेहद दुखद अनुभव रहा।
उन्होंने कहा कि जब उनकी फिल्म को रिलीज नहीं होने दिया गया, तब इस मुद्दे पर बहुत कम लोगों ने आवाज उठाई। ऐसे में अब किसी दूसरी फिल्म को लेकर हो रही बहस उन्हें एकतरफा लगती है।
मिथुन चक्रवर्ती ने आगे कहा कि 'धुरंधर 2' को देशभर के अलग-अलग समुदायों के लोगों ने देखा है और पसंद भी किया है। उनके अनुसार, फिल्म की शानदार कमाई इस बात का संकेत है कि दर्शकों ने इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड तोड़े हैं और लगातार अच्छी कमाई कर रही है।
बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार, फिल्म ने रिलीज के लगभग दो हफ्तों के भीतर भारत में हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार कर लिया है, जबकि दुनिया भर में इसकी कमाई और भी ज्यादा रही है। यह प्रदर्शन इस बात को दर्शाता है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्साह बना हुआ है।
हाल के वर्षों में कई फिल्मों को लेकर ‘प्रोपेगेंडा’ बनाम ‘रचनात्मक अभिव्यक्ति’ की बहस तेज हुई है। ऐसे माहौल में मिथुन चक्रवर्ती का बयान इस चर्चा को नया मोड़ देता नजर आ रहा है। उनका कहना है कि किसी भी फिल्म को देखने और समझने का अधिकार दर्शकों के पास होना चाहिए, न कि केवल आरोपों के आधार पर उसकी छवि तय की जानी चाहिए।
फिलहाल 'धुरंधर 2' को लेकर जारी विवाद के बीच मिथुन चक्रवर्ती का यह बयान फिल्म इंडस्ट्री और राजनीतिक गलियारों दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।