
Nana Patekar Death News: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके बेटे मल्हार पाटेकर ने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। पुणे में नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार के बाद मीडिया से बातचीत में मल्हार ने कहा कि उनके पिता अपने काम और समाजसेवा के जरिए हमेशा लोगों के बीच जिंदा रहेंगे। उन्होंने कहा कि परिवार और ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए नाना पाटेकर के अधूरे विजन को आगे बढ़ाया जाएगा।
मल्हार ने कहा कि नाना साहब जैसे व्यक्ति कभी पूरी तरह दुनिया से विदा नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। उनके विचार उन लोगों का मार्गदर्शन करते रहेंगे, जो उनके दिखाए रास्ते पर आगे बढ़ने का काम करेंगे। मल्हार के मुताबिक, नाना पाटेकर हमेशा लोगों को साथ लाने और सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते थे।
मल्हार ने बताया कि नाना पाटेकर की सामाजिक संस्था ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए समाजसेवा का काम जारी रहेगा। यह संस्था मुख्य रूप से जल संरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में काम करती है।
उन्होंने बताया कि जल संरक्षण से जुड़े कई काम पहले से चल रहे हैं। वहीं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कश्मीर में भी परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं। मल्हार ने कहा कि नाना पाटेकर ने अपने जीवनकाल में संस्था से जुड़े लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी थीं। इसी वजह से उनके निधन के बाद भी संस्था का काम आगे बढ़ाने की व्यवस्था बनी हुई है।
मल्हार ने महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में समाजसेवा को और विस्तार देने की नाना पाटेकर की इच्छा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि मीडिया से बातचीत से पहले उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से भी बात की थी। मुख्यमंत्री ने संस्था के साथ सरकार के पहले हुए सहयोग को याद किया और नाना के विजन को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
मल्हार ने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि मराठवाड़ा और अन्य क्षेत्रों के लिए नाना पाटेकर ने जो योजनाएं सोची थीं, उन्हें पूरा किया जाए। नाम फाउंडेशन के सीईओ गणेश थोरात के मार्गदर्शन में काम आगे बढ़ रहा है।
मल्हार ने नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार के समय को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुबह हुई दुखद घटना के बाद कई घंटे बीत चुके थे, इसलिए परिवार ने गुरुवार रात अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।
नाना पाटेकर को गंभीर सीने में दर्द के बाद मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था। अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की करीब 45 मिनट तक कोशिश की, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। अब उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी फिल्मों और समाजसेवा के साथ-साथ उनके विचारों और अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है।