आज कल तेजी से बॉलीवुड फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो रही हैं, लेकिन स्टार्स चाहते हैं उनकी फिल्मों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दिखाया जाए, लेकिन ऐसा क्यों है चलिए जानते हैं?
आज का समय तेजी से बदलता जा रहा है, जिसके साथ ही लोगों की पसंद और चॉइस भी बदलती जा रही है। लोग अपने समय का सही इस्तेमाल करने लिए हर चीज को अपने मुताबिक एडजस्ट करने की कोशिश करते हैं, जिसमें सबसे ज्यादा भूमिका ऑनलाइन चीजे निभा रही है। ऐसा ही कुछ मनोरंजन के साथ भी देखने को मिल रहा है। इस मामले में भी लोगों की पसंद और चॉइस तेजी से बदल रही है। जहां, एक तरफ बॉक्स ऑफिस पर बॉलीवुड फिल्में तेजी से फ्लॉप हो रही है और दूसरे भाषा के कंटेंट को लोग पसंद कर रहे हैं। ऐसे में लोगों की पसंद उनको सिनेमाघरों की तरफ कम और OTT प्लेफॉर्म की ओर तेजी से लेजा रहा है।
OTT की फूल फॉर्म क्या है?
ऐसे में ज्यादातर स्टार्स यही चाहते हैं कि उनकी फिल्मों को भी अब ओटीटी पर रिलीज किया जाए। ज्यादातर लोग ओटीटी को पसंद तो करते हैं, लेकिन उसके बारे में ज्यादा जानते नहीं हैं। अच्छा आप सभी में कितने लोग बता सकते हैं कि OTT की फूल फॉर्म क्या है? नहीं पता, तो हम आपको बताते हैं कि ओटीटी की फूल फॉर्म होती है ओवर द टॉप (Over-The-Top)। ओटीटी एक ऐसी जगह है जहां आपको ऑफिशयली सामग्री सीधे तौर पर डिलीवरी करता है। ओटीटी पहले से मौजूद इंटरनेट कनेक्शन के टॉप पर रहता है। ओटीटी सेवाओं के कुछ उदाहरण हैं जैसे नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम, डिज्नी प्लस हॉटस्टार और भी कई तरह के ऐप्स।
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फिल्मों की रेटिंग का क्या होता है मतलब?
इसके अलावा इसका सीधा असर फिल्म या वेब सीरीज की रेटिंग पर पड़ता है। जैसे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। आपतौर पर फिल्मों की औसत रेटिंग 5.9 थी इससे ज्यादा होती है, तब जाकर उनको अच्छा माना जाता है और हिंदी डब फिल्मों की 7.3 रेटिंग को भी पार कर जाती है। ऐसे में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के आर्थिक अनुसंधान विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईएमडीबी (IMDB) रेटिंग के एक प्वाइंट से 17 करोड़ रुपये ज्यादा कलेक्शन होते हैं।
दर्शक ओटीटी पर देख लेते हैं फिल्म
अगर देखा जाए तो आज के समय में सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों की गिनती में भारी गिरावट देखने को मिली, जिसके बाद फिल्मों को अब मल्टीप्लेक्स में रिलीज किया जा रहा है और इन मल्टीप्लेक्स की टिकट सिंगल स्क्रीन थिएटर के मुकाबले तीन से चार गुना ज्यादा होती है तो, ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि लोगों की पसंद और पैसे बचाने की आस फिल्मों के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर असर डाल रहा है। ऐसे में लोग ज्यादातर फिल्में ओटीटी पर देख लेते हैं।
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