मुझे वास्तव में लगता है कि यह 'हैशटैग मीटू' आंदोलन नहीं है
अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा ने कहा कि वह चाहती हैं कि महिलाएं 'हैशटैग मीटू' अनुभवों पर अधिक खुलकर बोंले। अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने 2008 में अभिनेता नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीडऩ का आरोप लगाया था। उस दौरान तनुश्री 'हॉर्न ओके प्लीज' की शूटिंग कर रही थीं और हाल ही में उन्होंने फिर से नाना पर आरोप लगाए हैं। परिणीति ने यह टिप्पणी बुधवार को अपनी आगामी फिल्म 'नमस्ते इंग्लैंड' के गीत 'प्रॉपर पटोला' के लॉन्च के मौके पर की। इस दौरान उनके साथ अर्जुन कपूर और विपुल शाह भी मौजूद थे।
उम्मीद करती हूं यह शुरुआत नहीं है:
परिणीति से जब पूछा गया कि क्या तनुश्री के मामला भारत में 'हैशटैग मीटू' अभियान की शुरुआत है, तो इस पर अभिनेत्री ने कहा,'ईमानदारी से कहूं तो मुझे वास्तव में लगता है कि यह 'हैशटैग मीटू' आंदोलन नहीं है, क्योंकि इसका मतलब होगा कि ऐसी बहुत सारी कहानियां और हैं और मैं उम्मीद करती हूं कि अगर यह वास्तविक है तो यह पहली और आखिरी घटना होगी।'
उन्होंने कहा,'मैं उम्मीद करती हूं कि यह शुरुआत नहीं है। लेकिन अगर कोई पीडि़त है, खासतौर पर महिलाएं तो मैं चाहती हूं कि हर एक महिला खुलकर सामने आए और इस पर बोले, क्योंकि अगर वह नहीं बोलेगी तो उसे हमेशा दबाया जाएगा।'
चुप रहना कोई समाधान नहीं:
परिणीति ने यह भी कहा, 'मेरे साथ ऐसा नहीं हुआ है, लेकिन अगर भगवान न करे होता है तो मैं चुप नहीं रहूंगी, क्योंकि मुझे चुप रहना कोई समाधान नहीं लगता।' वहीं, अर्जुन ने इस बारे में कहा, 'हमारे देश में समस्या यह है कि हम किसी चीज के खुलासे के बाद उत्तेजनापूर्ण बहस शुरू कर देते हैं जिस वजह से लोग बोलने से डरते हैं। उन्होंने (तनुश्री) कुछ बताया है जो बहुत भयानक है, इसलिए वह हकदार हैं कि उनके साथ लोग बजाए अनुमान लगाने के पहले बात करें।'