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‘बिल भरने के पैसे नहीं थे’, ओम पुरी की आर्थिक तंगी पर एक्टर पवन मल्होत्रा ने सालों बाद तोड़ी चुप्पी

Om Puri Financial Struggles: अभिनेता पवन मल्होत्रा ने दिवंगत अभिनेता ओम पुरी को याद करते हुए बताया कि इंटरनेशनल लेवल पर पहचान मिलने के बावजूद एक समय ऐसा था जब उनके पास बिल भरने तक के पैसे नहीं थे।
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Aug 02, 2026
Om Puri financial struggles despite
फोटो में अभिनेता पवन मल्होत्रा ने दिवंगत अभिनेता ओम पुरी (सोर्स: ani)

Om Puri Bollywood News: दिग्गज अभिनेता पवन मल्होत्रा ने दिवंगत अभिनेता ओम पुरी को याद करते हुए उनकी जिंदगी से जुड़ा एक भावुक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने और हॉलीवुड फिल्मों में काम करने के बावजूद एक समय ऐसा था, जब ओम पुरी के पास अपने बिल भरने तक के पैसे नहीं थे। पवन मल्होत्रा ने बताया कि ओम पुरी ने कभी नाम, शोहरत या प्रचार के पीछे नहीं भागा और हमेशा अभिनय को ही अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता माना।

'तमस' के दौरान आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे ओम पुरी

इज एजेंसी ‘ANI’ से बातचीत में पवन मल्होत्रा ने बताया कि 1988 की चर्चित टीवी फिल्म 'तमस' की शूटिंग के दौरान ओम पुरी ने खुद उनसे अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया था।

उन्होंने कहा, "तमस के समय ओम पुरी के पास बिल भरने तक के पैसे नहीं थे। उन्होंने खुद मुझसे यह बात साझा की थी। हॉलीवुड में बेहतरीन काम करने के बावजूद उन्होंने कभी पैसा कमाने या आलीशान जिंदगी जीने पर ध्यान नहीं दिया। वह सिर्फ अभिनय के लिए जीते थे।"

'ओम पुरी ने कभी खुद का प्रचार नहीं किया'

पवन मल्होत्रा का कहना है कि ओम पुरी उन पहले भारतीय अभिनेताओं में थे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में मजबूत पहचान बनाई। उन्होंने कहा कि प्रियंका चोपड़ा, दीपिका पादुकोण और इरफान खान से भी पहले ओम पुरी विदेशी फिल्मों में लगातार शानदार काम कर चुके थे, लेकिन उन्होंने कभी अपनी उपलब्धियों का प्रचार नहीं किया।

उनके मुताबिक, उस दौर में सोशल मीडिया, पीआर एजेंसियां और बड़े प्रमोशनल कैंपेन नहीं होते थे। इसलिए कलाकार अपने काम से पहचाने जाते थे, न कि प्रचार से।

'उनकी एक्टिंग क्रीम की तरह स्मूथ थी'

पवन मल्होत्रा ने ओम पुरी की अभिनय शैली और आवाज की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अमिताभ बच्चन और ओम पुरी जैसे कलाकारों की आवाज पर पकड़ और मॉड्यूलेशन असाधारण था। ओम पुरी की एक्टिंग क्रीम की तरह स्मूथ थी। उनकी हर परफॉर्मेंस नई लगती थी। उनमें कोई बनावटीपन नहीं था।

'मैंने उनसे अंग्रेजी बोलना सीखा'

पवन मल्होत्रा ने यह भी बताया कि उन्होंने ओम पुरी को सुनकर अंग्रेजी बोलना और उच्चारण सीखा। बता दें ओम पुरी ने चार दशक लंबे करियर में समानांतर सिनेमा, मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों और अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में अपनी अलग पहचान बनाई। नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) के पूर्व छात्र रहे ओम पुरी को दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिले। उन्हें 1990 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

उनकी यादगार फिल्मों में 'आक्रोश', 'अर्ध सत्य', 'तमस', 'जाने भी दो यारों', 'East Is East', 'City of Joy', 'The Ghost and the Darkness' और 'The Hundred-Foot Journey' शामिल हैं। पवन मल्होत्रा और ओम पुरी ने 'City of Joy', 'Brothers in Trouble' और 'Road to Sangam' जैसी फिल्मों में साथ काम किया था।

Updated on:
02 Aug 2026 07:06 pm
Published on:
02 Aug 2026 07:06 pm