अभिनेत्री पूजा बेदी ने अपनी बेटी अलाया फर्नीचरवाला के ऐश्वर्य ठाकरे से डेटिंग के सवाल पर कुछ ऐसा बयान दिया है कि वह चर्चा में आ गया है। पूजा ने इस सवाल के जवाब में उनके जमाने की बात करते हुए कहा कि तब 'बॉयफ्रेंड-फ्री, वर्जिन और गैर-शादीशुदा होना जरूरी था'
मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री पूजा बेदी अब फिल्मों में तो सक्रिय नहीं हैं, लेकिन अपने बयानों के चलते सुर्खियों में बनी रहती हैं। पूजा हर समसामयिक मुद्दे पर अपने विचार प्रकट करती हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी बेटी अलाया फर्नीचरवाला को लेकर एक बातचीत में बेबाकी से अपनी राय रखी है। अलाया ने वर्ष 2019 में फिल्म 'जवानी जानेमन' से बॉलीवुड में एंट्री ली है। इसमें लीड किरदार सैफ अली खान ने निभाया। अलाया के ऐश्वर्य ठाकरे से डेटिंग की खबरों पर पूजा ने कहा कि मेरे समय मे चीजें अलग थीं और अब एकदम अलग।
'बॉयफ्रेंड-फ्री, वर्जिन और गैर-शादीशुदा होना जरूरी था'
पूजा बेदी ने हाल ही टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में बेटी अलाया के शिवसेना सुप्रीमो बालासाहेब ठाकरे के पोते ऐश्वर्य ठाकरे से डेटिंग पर पूछे गए सवाल पर जवाब दिया,'जहां तक व्यक्तिगत जीवन का सवाल है, लोग कयास लगाते हैं। मैंने 7 न्यूज आइटम देखे जिसमें ये बताया गया कि अलाया किसको डेट कर रही है, तब सवाल ये उठता है कि वह असल में किसके साथ रहना चाहती है। चाहे जैसे भी बात की जाए, मुख्य बिंदु है कि आज के जमाने में, ये जरूरी नहीं है कि एक एक्टर का किसी विशेष तरीके से प्रोजेक्ट किया जाए। मेरे समय में, चीजें बहुत अलग थीं। आपको बॉयफ्रेंड—फ्री, वर्जिन और गैर-शादीशुदा होना जरूरी था। आजकल, हर व्यक्ति को अपनी पर्सनल लाइफ रखने का हक है। करीना कपूर खान शादी के बाद भी अच्छा कर रही है। इसलिए मेरा कहना है कि इंडस्ट्री में बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है और ये संभव हुआ है दर्शकों की मानसिकता में अप्रत्याशित बदलाव आने से, सोशल मीडिया को इसके लिए धन्यवाद।'
'मेरी बेटी जो करती है, 100 प्रतिशत करती है'
अलाया के फिल्मों में आने के समय पूजा की तरफ से बेटी को सलाह पर एक्ट्रेस ने कहा,'एक पैरेंट्स के रूप मेंं मैं हमेशा अपने बच्चों को गाइड करना चाहती हूं न कि कंट्रोल करना। मैं बच्चों से हमेशा कहती हूं कि हम आपको सिर के नीचे छत, खाना, कपड़े, अच्छी शिक्षा देंगे, क्योंकि ये हमारा कर्तव्य है। लेकिन अगर आपको लग्जरी कार, फैंसी आइटम चाहिए तो बाहर जाएं और अपने लिए कमाएं। जो वे करना चाहें करें। उन पर कोई दबाव नहीं है। वे जब चाहें अपनी जॉब चेंज करें। मेरी बेटी ने पहले बिजनेस चुना, फिर निर्देशन और फिर एक्टिंग, वो जो भी करती है सौ प्रतिशत करती है। यही मेरी मां ने सिखाया, वही मैं बेटी को सीखा रही हूंं। मैंने देखा है मेरी बेटी को सुबह 5 बजे उठकर एक्टिंग क्लास, डांसिंग, एक्रोबेटिक्स, जिम्नास्टिक, पायलेट्स जाते हुए। उसने अपने आपको इतना तैयार किया है कि वह यह कह सके कि फिल्में अच्छा करे या नहीं, वह यह तो कह पाए कि उसने अपना 100 फीसदी दिया।'