बॉलीवुड

आर माधवन ने पीएम नरेन्द्र मोदी को दिखाई फिल्म ‘राकेट्री’ की झलक

भारतीय वैज्ञानिक नाम्बी नारायण के जीवन पर आधारित फिल्म 'रॉकेट्री- द नाम्बी इफेक्ट' की कुछ क्लिप पीएम नरेन्द्र मोदी को दिखाई गई। इससे मोदी काफी प्रभावित हुए। इसकी जानकारी आर माधवन ने ट्विटर पर शेयर की है। फिल्म का निर्देशन भी माधवन ने किया है।

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Apr 05, 2021

मुंबई। अभिनेता आर माधवन ने पीएम मोदी के साथ तस्वीर शेयर की है। इसमें पीएम मोदी, माधवन और भारतीय वैज्ञानिक नाम्बी नारायणन नजर आ रहे हैं। माधवन के अनुसार, इस दौरान पीएम मोदी को उनकी फिल्म 'रॉकेट्री- द नाम्बी इफेक्ट' के कुछ अंश दिखाए गए, जिससे वे बहुत प्रभावित हुए।

'राकेट्री' से पीएम मोदी प्रभावित

आर माधवन ने ट्वीट में लिखा,' कुछ सप्ताह पहले, नाम्बी नारायणन और मुझे पीएम मोदी से मिलने का मौका मिला। हमने हमारी अपकमिंग फिल्म 'राकेट्री' पर बात की। पीएम मोदी के इस फिल्म के बारे में रिएक्शन और नाम्बी जी को लेकर उनकी चिंता जताने से हम प्रभावित हुए और हमने सम्मानित महसूस किया। इसके लिए धन्यवाद सर।' गौरतलब है कि इस मूवी में बॉलीवुड किंग खान शाहरुख खान भी मेहमान भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन भी माधवन ने किया है।

पिछले दिनों माधवन कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे। इसके बाद उनकी मूवी का ट्रेलर रिलीज हुआ था। इसी बीच माधवन ने ट्रेलर को मिले पॉजिटिव रिस्पांस की जानकारी पोस्ट करते हुए अपने घर के सदस्यों के कोविड-19 पॉजिटिव आने की सूचना दी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा,' ट्रेलर को मिले स्पिांस से पूरी तरह उत्साहित हूं। आमतौर पर मैं सबको व्यक्तिगत रूप से जवाब देता हूं, लेकिन कल शाम 5 बजे मेेरे घर के 5 सदस्य कोविड पॉजिटिव हो गए। मैं चीजों को ठीक करने और सबको सुरक्षित और आरामदायक फील कराने की कोशिश में लगा रहा।'

गौरतलब है कि माधवन की फिल्म 'रॉकेट्री- द नाम्बी इफेक्ट' का ट्रेलर हाल ही रिलीज किया गया था। इस ट्रेलर को सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया। बॉलीवुड सेलेब्स अमिताभ बच्चन, प्रियंका चोपड़ा, कंगना रनौत व अन्य ने भी इसकी तारीफ की।

स्वदेशी क्रायोजनिक इंजन प्रोजेक्ट के बने डायरेक्टर

बता दें कि भारतीय वैज्ञानिक नाम्बी नारायण के जीवन पर बनी फिल्म ' राकेट्री' में आर माधवन नाम्बी की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में नाम्बी के जीवन की घटनाओं को पेश किया जाएगा। नाम्बी का जन्म 12 दिसंबर, 1941 को तमिलनाडु में हुआ। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें इसरो में काम करने का मौका मिला। यहां उन्हें स्वदेशी क्रायोजनिक इंजन जैसे बड़े प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें इस प्रोजेक्ट का डायरेक्टर बनाया गया। इस प्रोजेक्ट के दौरान उन पर पाकिस्तान के लिए जासूसी का आरोप लगा। इसके बाद लम्बी कानूनी प्रकिया चली। अंतत 1998 में नाम्बी सहित अन्य को इस केस में निर्दोष करार दिया गया।

Published on:
05 Apr 2021 05:30 pm
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