
नई दिल्ली। 25 जनवरी को मोदी सरकार (modi government) ने कंगना रनौत, एकता कपूर, अदनान सामी, (adnan sami) करण जौहर, सुरेश वाडकर और सरिता जोशी को पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया था।लेकिन इनमें से अदनान सामी के नाम पर विरोध होना शुरू हो चुका है।राज ठाकरे की पार्टी (raj thackeray party) ने अदनाम को पद्म श्री (padma shri) दिए जाने पर आपत्ति जताई है।
राज ठाकरे (raj thackeray) की अगुआई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने गायक को पद्म श्री दिए जाने का विरोध जताया है। MNS नेता और राज ठाकरो के करीबी नेता अमेय खोपकर (ameya khopkar) का कहना है कि, 'अदनान सामी असली भारतीय नागरिक नहीं हैं। हमारी पार्टी का विचार है कि उन्हें कोई पुरस्कार नहीं दिया जाना चाहिए। हम उन्हें पद्मश्री से सम्मानित करने के फैसले की निंदा करते हैं और निर्णय को वापस लेने की मांग करते हैं।'
वहीं पाकिस्तान में जन्में अदनान सामी को पद्म श्री दिए जाने पर केंद्रीय विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri)ने बधाई देते हुए कहा है कि शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी इसे ''सुन" रहे होंगे। मंत्री ने अपने ट्वीट में लिखी कि ''मुझे उम्मीद है कि शाहीन बाग सुन रहा है। भारत नागरिकता छीनने में भरोसा नहीं करता।"