माला सिन्हा के बारे में कहा जाता है कि वे बेहद ही स्टाइलिश और बोल्ड थी। उन्होंने उस दौर में भी ऐसी फिल्मों के लिए हां कहा जो रूढ़ीवादी सोच को नकारती थी। लगभग हर बड़ा स्टार उनके साथ काम करना चाहता था।
माला सिन्हा को बॉलीवुड इंडस्ट्री की उन एक्ट्रेसेज में शामिल किया जाता है जिन्होंने 50 से 70 के दशक के बीच में अपनी बोल्डनेस से सबको हैरान कर दिया था। उनके बारे में कहा जाता है कि उन्होंने उस दौर में अपनी बोल्डनेस और अपनी सोच से काफी लोगो को हैरान किया था। दरअसल उनकी सोच बहुत प्रोग्रेसिव थी जो महिलाओं के लिए काफी कुछ करना चाहती हैं
एक्टिंग की बात करें तो बचपन में माला सिन्हा ने कई बंगाली फिल्मों में बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम किया। दरअसल माला सिन्हा बचपन से ही काफी फोटोजेनिक थी और यही देखते हुए बॉलीवुड में निर्माता-निर्देशकों उन्हें काम देने लगे थे। इसी के चलते वे अपने पिता के साथ मुम्बई आ गईं, लेकिन उनकी शुरुआत की काफी फिल्में फ्लॉप हो गई थी जिसके बाद उनके पिता नहीं चाहते थे कि वे अब मुम्बई में रहें।
माला सिन्हा का कोलकता जाने का मन नहीं था और इसी दौरान उनके पास जानकी दास एक फिल्म का प्रपोजल ले कर आ गए जिसका नाम था 'नया जमाना'। इस फिल्म को देख कर गुरुदत्त की पत्नी गीता दत्त उनसे बहुत प्रभावित हो गई। इसी के बाद उन्हें गुरुदत्त ने फौरन अपनी फिल्म प्यासा में साइन कर लिया। बस फिर क्या था, इस फिल्म के बाद उन्हें कभी पीछे मुड़ कर देखने की जरूरत नहीं हुई।
माला सिन्हा के बारे में कहा जाता है कि वे बेहद ही स्टाइलिश और बोल्ड थी। उन्होंने उस दौर में भी ऐसी फिल्मों के लिए हां कहा जो रूढ़ीवादी सोच को नकारती थी। लगभग हर बड़ा स्टार उनके साथ काम करना चाहता था।
बात करते हैं मर्यादा फिल्म के गाने 'चुपके से दिल देदे नइते शोर मच जाएगा' की जिसे माल्हा सिन्हा ने बैकलेस ब्लाउज में फिल्माया था। कहा जाता है कि माला सिन्हा जब सेट पर आई तो फिल्म के हीरो राजेश खन्ना सीटी बजाते हुए बोले, तुम तो बिल्कुल पटाखा लग रही हो।
दरअसल कई लोगों का मानना था कि माला सिन्हा वक्त से आगे सोचती थीं। बात करें पर्सनल लाइफ की तो माला सिन्हा ने अपने नेपाली फिल्म के हीरो चिदंबर प्रसाद लोहानी से शादी की थी। आज 84 साल की उम्र में वे मुंबई में बांद्रा में अपने बंगले में अपनी बेटी के साथ रहती हैं।