Ram Gopal Varma On Dawood Ibrahim Amid Dhurandhar 2: धुरंधर 2 की रिलीज के बीच निर्देशक राम गोपाल वर्मा का एक पुराना बयान तेजी से वायरल हो रहा है। दाउद इब्राहिम को लेकर राम गोपाल ने क्या कुछ कहा था, चलिए जानते हैं।
Ram Gopal Varma On Dawood Ibrahim Amid Dhurandhar 2: इन दिनों फिल्म 'धुरंधर द रिवेंज' की सफलता और उसमें अंडरवर्ल्ड किरदारों को दिखाने को लेकर काफी चर्चा हो रही है। इसी बीच फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा का एक पुराना बयान फिर से सुर्खियों में आ गया है, जिसमें उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम को लेकर एक दिलचस्प अनुभव साझा किया था। ये बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच नई बहस छेड़ रहा है।
राम गोपाल वर्मा हिंदी सिनेमा में गैंगस्टर फिल्मों को अलग नजरिए से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी फिल्मों में अपराध जगत के किरदारों को केवल खौफनाक रूप में नहीं, बल्कि इंसानी भावनाओं के साथ भी दिखाया गया है। यही वजह है कि उनकी फिल्मों 'सत्या' और 'कंपनी' को आज भी इस शैली की बेहतरीन फिल्मों में गिना जाता है।
एक इंटरव्यू के दौरान राम गोपाल वर्मा ने बताया था कि जब उन्होंने गैंगस्टर आधारित फिल्में बनानी शुरू कीं, तब उन्हें कई ऐसे किस्से सुनने को मिले जिन्होंने उनके सोचने का नजरिया बदल दिया। उन्होंने कहा था कि अक्सर लोग अपराधियों को केवल डर के प्रतीक के रूप में देखते हैं, लेकिन असल जिंदगी में वो भी आम इंसानों की तरह कमजोरियों से भरे होते हैं। इसी सोच ने उन्हें अपने किरदारों को ज्यादा वास्तविक और संवेदनशील तरीके से दिखाने के लिए प्रेरित किया।
राम गोपाल वर्मा ने एक घटना का जिक्र करते हुए बताया था कि एक महिला पत्रकार को एक बार दाऊद इब्राहिम से मिलने का मौका मिला था और उस समय वह सामान्य बीमारी से जूझ रहे थे। यह सुनकर उन्हें एहसास हुआ कि जिस व्यक्ति का नाम सुनते ही लोग डर जाते हैं, वह भी रोजमर्रा की मानवीय स्थितियों से अलग नहीं है। इसी तरह एक पुलिस अधिकारी ने भी उन्हें बताया था कि तनावपूर्ण परिस्थितियों में बड़े अपराधी भी शारीरिक रूप से कमजोर पड़ जाते हैं।
फिल्ममेकर ने यह भी साझा किया कि जब वो 'सत्य' बना रहे थे, तब कई लोगों ने उन्हें चेतावनी दी थी कि इस तरह की फिल्म बनाने से अंडरवर्ल्ड नाराज हो सकता है। लेकिन उनके साथ ऐसा कुछ नहीं हुआ। बल्कि उनकी फिल्म को अलग नजरिए से देखने के कारण कई लोगों ने उनकी सराहना भी की। वर्मा का मानना था कि उन्होंने अपराध जगत को ग्लैमराइज करने के बजाय उसके मानवीय पहलुओं को सामने लाने की कोशिश की।
गौरतलब है कि हाल ही में रिलीज हुई धुरंधर 2 में भी अंडरवर्ल्ड से जुड़े किरदारों को एक अलग और संवेदनशील अंदाज में दिखाया गया है। यही वजह है कि राम गोपाल वर्मा का पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया है और लोग गैंगस्टर फिल्मों के बदलते नजरिए पर खुलकर बात कर रहे हैं।