
Ramayana First Review Out: निर्देशक नितेश तिवारी की मच अवेटेड और मेगा-बजट फिल्म 'रामायण' (Ramayana) को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। रिलीज से पहले ही फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता सातवें आसमान पर है। इस बीच, फिल्म का पहला शुरुआती रिव्यू सामने आ चुका है, जिसने सिनेप्रेमियों की उम्मीदों और उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है। फेमस यूट्यूबर और कंटेंट क्रिएटर आशीष चंचलानी (Ashish Chanchlani) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिल्म का पूरा रिव्यू शेयर किया है। उन्होंने इसे एक महाकाव्य (Epical) को ब्लॉकबस्टर करार दिया है।
आशीष चंचलानी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने बताया कि 'रामायण' सिनेमाई अनुभव के मामले में भारतीय सिनेमा के सबसे बेहतरीन एक्शन सेट-पीस लेकर आती है। लेकिन, वह फिल्म के निर्देशक नितेश तिवारी के निर्देशन से सबसे ज्यादा प्रभावित नजर आए। उन्होंने इस बड़े प्रोजेक्ट को बेहद शानदार तरीके से एक साथ पिरोने का पूरा श्रेय निर्देशक को दिया है।
आशीष चंचलानी ने फिल्म को 'तिवारी का जहाज' बताते हुए लिखा कि फिल्ममेकर ने इसे गजब के नियंत्रण और सटीकता के साथ चलाया है। उनका मानना है कि निर्देशक का विजन और एग्जीक्यूशन ही इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत है, खासकर जब बात बड़े पैमाने के विजुअल स्पेक्टैकल को एक मजबूत और मार्मिक भावनात्मक कहानी के साथ संतुलित करने की आती है।
फिल्म की स्टार कास्ट पर बात करते हुए आशीष ने इसकी कास्टिंग को 'परफेक्शन' बताया। उन्होंने मुख्य कलाकारों- रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश की तारीफ करते हुए कहा कि सभी ने पर्दे पर जान फूंक दी है। इसके अलावा, उन्होंने फिल्म में 'लक्ष्मण' की भूमिका निभा रहे अभिनेता रवि दुबे की खास रूप से सराहना की। चंचलानी उनके किरदार से खासे इंप्रेस हुए और कहा कि उन्होंने अपने रोल में अद्भुत काम किया है। उनके किरदार के कुछ सीन कहानी में अचानक ऐसा ह्यूमर और बेहतरीन पल लाते हैं, जो दर्शकों को बांध कर रखते हैं।
रिव्यू से यह भी साफ होता है कि यह फिल्म केवल भारी-भरकम एक्शन या वीएफएक्स पर निर्भर नहीं है, बल्कि इसमें इमोशनल गर्माहट और हल्के-फुल्के पलों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। जटायु की लड़ाई वाले सीक्वेंस ने तो आशीष को इतना भावुक कर दिया कि वह आखिर में रो पड़े।
इसके अलावा, रावण के दिमाग से जुड़े एक सरप्राइजिंग सीक्वेंस को उन्होंने 'माइंड-ब्लोइंग' बताया। हालांकि, उन्होंने रात के कुछ सीन्स में डी-एजिंग शॉट्स जैसी छोटी-मोटी तकनीकी कमियों की तरफ भी इशारा किया, लेकिन कहा कि कसी हुई एडिटिंग (Tight Editing) के चलते इनका फिल्म देखने के अनुभव पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता है। उन्होंने DNEG और नमित मल्होत्रा की टीम की भी सराहना की। आखिर में उन्होंने दर्शकों से अपील की कि इस ऐतिहासिक फिल्म को केवल बड़े पर्दे पर ही देखें और पायरेसी या लीक फुटेज से दूर रहें।