
Ramayana Movie: रणबीर कपूर, साई पल्लवी और यश स्टारर फिल्म 'रामायण' का पहला पार्ट अपने शानदार क्लाइमैक्स और इमोशनल कहानी की वजह से चर्चा में है। फिल्म के अंत में जटायु और रावण के बीच जबरदस्त युद्ध दिखाया गया है। वहीं, पोस्ट क्रेडिट सीन में अभिनेता सनी देओल के हनुमान के किरदार की झलक भी देखने को मिलती है। फिल्म का क्लाइमैक्स दर्शकों को भावुक करने के साथ ही दूसरे पार्ट के लिए उत्सुकता बढ़ाता है। खास बात यह है कि फिल्म में जटायु का बलिदान राम की आगे की यात्रा को एक नया मोड़ देता है।
फिल्म के क्लाइमैक्स में दिखाया गया है कि रावण (यश) साधु का रूप धारण करके सीता (साई पल्लवी) का अपहरण कर लेता है। इसके बाद वह सीता को पुष्पक विमान में बैठाकर लंका की ओर ले जाने लगता है। इसी दौरान जटायु की नजर सीता पर पड़ती है। वह उन्हें रावण के चंगुल से छुड़ाने के लिए आसमान में ही रावण का सामना करता है।
इसके बाद दोनों के बीच जबरदस्त हवाई युद्ध देखने को मिलता है। जटायु जानता है कि रावण बेहद शक्तिशाली है और उससे मुकाबला करना आसान नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद वह पीछे नहीं हटता। वह लगातार रावण पर हमला करता है और सीता को बचाने की कोशिश करता है।
इस पूरे सीक्वेंस को बड़े स्तर पर फिल्माया गया है। शानदार विजुअल इफेक्ट्स के साथ जटायु का साहस और सीता को बचाने का उसका जज्बा इस लड़ाई को खास बनाता है। आखिरकार रावण जटायु के पंख काट देता है और वह घायल होकर जमीन पर गिर जाता है। जटायु सीता को बचा नहीं पाता, लेकिन उसका बलिदान उसे फिल्म के सबसे बहादुर किरदारों में शामिल कर देता है।
सीता के अपहरण के बाद जब राम (रणबीर कपूर) और लक्ष्मण (रवि दुबे) अपनी कुटिया लौटते हैं तो उन्हें सीता वहां नहीं मिलतीं। दोनों उनकी तलाश शुरू करते हैं। इसी दौरान उन्हें गंभीर रूप से घायल जटायु मिलता है।
जटायु अपने आखिरी समय में राम को बताता है कि रावण सीता का अपहरण करके उन्हें लंका ले गया है। वह राम को रावण के बारे में जरूरी जानकारी देता है। इसके बाद जटायु दम तोड़ देता है।
जटायु की मृत्यु से राम बेहद दुखी हो जाते हैं। वह पक्षीराज के बलिदान को सम्मान देते हुए उनका अंतिम संस्कार करते हैं। यह दृश्य फिल्म के सबसे भावुक पलों में से एक है। यहां कहानी एक्शन से हटकर रिश्तों, त्याग और दुख पर केंद्रित हो जाती है।
फिल्म का एक और बड़ा आकर्षण इसका पोस्ट क्रेडिट सीन है। इसमें किष्किंधा का प्रसंग दिखाया जाता है। सीता के अपहरण के दौरान उनके आभूषण रास्ते में गिर जाते हैं, जिन्हें सुग्रीव के पास पहुंचाया जाता है। आगे चलकर यही आभूषण सीता की तलाश में अहम सुराग बनते हैं।
इस सीन में भगवान हनुमान के किरदार की झलक भी दिखाई जाती है, जिसे सनी देओल निभा रहे हैं। हालांकि, फिल्म में उनका पूरा चेहरा या लुक सामने नहीं लाया गया है। उनकी विशाल परछाईं और प्रभावशाली मौजूदगी के जरिए किरदार की एंट्री का संकेत दिया गया है। इसके साथ बजती हनुमान चालीसा इस दृश्य को भक्तिमय बना देती है।
फिल्म का पहला पार्ट सीता के अपहरण, जटायु के बलिदान और राम के दुख के साथ खत्म होता है। वहीं, सनी देओल के हनुमान की झलक कहानी को अगले अध्याय की ओर ले जाती है। दूसरे पार्ट में राम की सुग्रीव और हनुमान से मुलाकात, सीता की खोज, हनुमान का लंका जाना और राम की वानर सेना के साथ मिलकर रावण के खिलाफ युद्ध की तैयारी जैसे प्रसंग देखने को मिल सकते हैं।