Ranveer Singh Don 3 Controversy: बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह पूरी तरह से FWICE के बैन के बाद अब सुर्खियों में हैं। इस मामले में अब चीफ अशोक पंडित ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।
Ranveer Singh Don 3 Controversy: बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्मों से ज्यादा एक बड़े विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के फैसले ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। मामला इतना बढ़ गया कि फिल्म इंडस्ट्री की बड़ी संस्था फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने अभिनेता के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ जारी कर दिया। अब इस पूरे विवाद पर निर्माता, निर्देशक और फिल्म इंडस्ट्री के लोग खुलकर प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी एक्सेल एंटरटेनमेंट ‘डॉन 3’ की तैयारी में करोड़ों रुपये खर्च कर चुकी थी। फिल्म की प्री-प्रोडक्शन, लोकेशन, सेट डिजाइन और बाकी तैयारियों पर करीब 45 करोड़ रुपये लगाए गए थे। इसी बीच शूटिंग शुरू होने से कुछ हफ्ते पहले रणवीर सिंह ने फिल्म से खुद को अलग कर लिया।
FWICE के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित ने इस पूरे मामले को इंडस्ट्री के लिए खतरनाक ट्रेंड बताया। उनका कहना है कि अगर बड़े कलाकार आखिरी समय पर फिल्में छोड़ने लगेंगे तो इससे निर्माताओं को भारी नुकसान होगा और पूरी इंडस्ट्री प्रभावित होगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक्सेल एंटरटेनमेंट ने इस मामले को लेकर FWICE से शिकायत की थी। बताया गया कि रणवीर सिंह ने बैनर के साथ तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था। लेकिन ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर निकलने के बाद प्रोडक्शन हाउस को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
इसके बाद FWICE ने रणवीर सिंह को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया। हालांकि संस्था का दावा है कि लंबे समय तक अभिनेता की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। बाद में रणवीर की ओर से कहा गया कि यह मामला FWICE के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।
अशोक पंडित का कहना है कि यह सिर्फ एक फिल्म का मामला नहीं है, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के काम करने के तरीके पर असर डाल सकता है। उनके मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री भरोसे और कमिटमेंट पर चलती है। ऐसे में किसी बड़े प्रोजेक्ट को आखिरी वक्त पर छोड़ देना कई लोगों के काम और भविष्य को प्रभावित करता है।
FWICE ने साफ कहा कि जब तक मामला सुलझ नहीं जाता, तब तक संस्था के सदस्य रणवीर सिंह के साथ सहयोग नहीं करेंगे। हालांकि संस्था ने बातचीत के रास्ते भी खुले रखे हैं।
पूरा विवाद बढ़ने के बाद रणवीर सिंह की टीम की ओर से बयान जारी किया गया। अभिनेता ने कहा कि वह इस मामले को सार्वजनिक बहस का हिस्सा नहीं बनाना चाहते। उनका मानना है कि प्रोफेशनल मतभेदों को सम्मान और समझदारी के साथ निजी तौर पर सुलझाया जाना चाहिए।
रणवीर ने यह भी कहा कि वह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रेंचाइजी से जुड़े सभी लोगों का सम्मान करते हैं। यही वजह है कि उन्होंने अब तक इस मामले पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी।
FWICE के फैसले के अगले दिन रणवीर सिंह एयरपोर्ट पर नजर आए। सफेद कुर्ता-पायजामा, काला ओवरकोट, मास्क और चश्मा पहने अभिनेता मीडिया से बचते हुए दिखाई दिए। पैपराजी लगातार उन्हें आवाज देते रहे, लेकिन रणवीर बिना रुके सीधे एयरपोर्ट के अंदर चले गए।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या रणवीर सिंह और ‘डॉन 3’ के निर्माता इस विवाद को आपसी बातचीत से खत्म कर पाएंगे या फिर यह मामला बॉलीवुड के सबसे बड़े कानूनी विवादों में शामिल होगा।