
Riteish Deshmukh On Pune Rape Case: बॉलीवुड अभिनेता रितेश देशमुख इन दिनों अपनी फिल्म 'राजा शिवाजी' की सफलता को लेकर चर्चा में हैं, लेकिन इसी बीच उन्होंने एक बेहद दर्दनाक घटना पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। पुणे में चार साल की मासूम बच्ची के साथ हुई रेप और हत्या की वारदात ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना पर रितेश देशमुख ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि लोगों का गुस्सा पूरी तरह जायज है और दोषी को जल्द से जल्द कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
रितेश देशमुख ने ANI के साथ बातचीत के दौरान कहा कि ऐसी घटनाएं समाज के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने माना कि जब किसी मासूम के साथ इस तरह की हैवानियत होती है तो जनता का आक्रोश स्वाभाविक है। अभिनेता ने साफ कहा कि सरकार और प्रशासन को ऐसे मामलों में बिना देरी सख्त कदम उठाने चाहिए।
उनका कहना था कि अगर अपराधियों को समय रहते कठोर सजा मिलेगी, तभी समाज में डर पैदा होगा और ऐसे अपराधों पर लगाम लग सकेगी।
अभिनेता ने मांग की कि इस केस की सुनवाई तेजी से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबी कानूनी प्रक्रिया पीड़ित परिवार के दर्द को और बढ़ा देती है। इसलिए इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर जल्द फैसला सुनाया जाना जरूरी है।
रितेश ने यह भी कहा कि न्याय में देरी होना, कहीं न कहीं न्याय से वंचित होना है। ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता दोनों जरूरी हैं।
अपनी बात रखते हुए रितेश देशमुख ने छत्रपति शिवाजी महाराज का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इतिहास में शासन व्यवस्था अनुशासन और सुरक्षा को लेकर काफी सख्त मानी जाती थी। आज आधुनिक कानून मौजूद हैं, लेकिन जरूरत उन्हें मजबूती से लागू करने की है। उनका मानना है कि कानून तभी प्रभावी होगा जब अपराधी यह समझें कि बच निकलना नामुमकिन है।
गौरतलब है कि रितेश देशमुख की हालिया रिलीज फिल्म 'राजा शिवाजी' बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। फिल्म में उन्होंने अभिनय के साथ निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली है। दर्शकों से फिल्म को अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
लेकिन फिल्मी सफलता के बीच अभिनेता का यह सामाजिक मुद्दे पर सामने आना लोगों को प्रभावित कर रहा है। सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स उनके बयान का समर्थन करते नजर आए।
पुणे की इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और सामाजिक जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर बार ऐसी घटनाओं के बाद गुस्सा देखने को मिलता है, लेकिन स्थायी बदलाव के लिए सख्त कानून, तेज न्याय प्रक्रिया और जागरूक समाज की जरूरत है। रितेश देशमुख का बयान सिर्फ प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उस दर्द और गुस्से की आवाज है जो इस समय पूरा देश महसूस कर रहा है।