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मौत की मांगी दुआ…6 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसीं संदीपा विर्क, सुनाई आपबीती

Money Laundering Case: संदीपा विर्क, जो 6 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंस चुकी हैं, अब अपनी आपबीती शेयर करते हुए बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों से जूझते हुए मनोबल बनाए रखना कितना कठिन होता है।

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Mar 01, 2026
संदीपा विर्क (सोर्स: X)

Money Laundering Case: एक्टर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Sandeepa Virk ने तिहाड़ जेल में बिताए अपने 4 महीनों के दर्द को लेकर खुलकर बात की है, जिसमें उन्होंने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) से जुड़े एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। बता दें, इस केस में 6 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का आरोप है। इस मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने 27 दिसंबर 2025 को उन्हें जमानत दे दी, लेकिन अदालत ने माना कि वो 4 महीने से ज्यादा समय से हिरासत में थीं।

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शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद तोड़ने वाला था

संदीपा ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि तिहाड़ जेल का अनुभव उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था और शुरुआती दिनों में वो मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। उन्हें लगता था कि वो इस सजा की बिल्कुल भी हकदार नहीं हैं। संदीपा विर्क ने आगे कहा कि जेल के अंदर माता-पिता से मुलाकात करना उनके लिए सबसे भावुक पल था। जेल की स्थितियों के बारे में भी बताया कि कि वहां रहना शारीरिक और मानसिक रूप से बेहद तोड़ देने वाला है। 500 से ज्यादा कैदियों के साथ रहना, सीमित दिनचर्या और साधारण भोजन। इन सबने उनकी सेहत पर बुरा असर डाला और लगातार तनाव के कारण वो कई बार ठीक से खड़ी भी नहीं हो पाती थीं।

संदीपा विर्क ने अपने सबसे दर्दनाक पल का भी जिक्र किया जब वो थक चुकी थी और बताया, "मैं दुआ करती थी कि मौत आए और मुझे ले जाए। सबसे बुरा एहसास तब होता है जब आपकी वजह से माता-पिता को आपसे मिलने जेल आना पड़े। मैंने उनसे माफी भी मांगी कि उन्हें मेरी वजह से वहां आना पड़ा। मेरे माता-पिता और भाई-बहन मेरे साथ खड़े रहे क्योंकि आपके अपने लोग जानते हैं कि आप कौन हैं।"

जेल के भीतर बिना पैसे के कोई काम नहीं होते

इतना ही नहीं, संदीपा ने ये भी आरोप लगाया कि जेल के भीतर कई काम बिना पैसे के नहीं होते। हालांकि उन्होंने ज्यादा विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन इशारा किया कि आर्थिक स्थिति का असर कैदियों की सुविधाओं पर पड़ता है। साथ ही, जेल से बाहर आने के बाद संदीपा उन 2 महिलाओं की कानूनी मदद की, जिनसे वो अंदर मिली थीं और जो अपने मामलों में वकील का खर्च नहीं उठा पा रही थीं। एक महिला पर छोटी रकम की चोरी का आरोप था, जबकि दूसरी अपने पति से जुड़े वित्तीय विवाद में फंसी हुई थी।

बता दें, संदीपा पर आरोप है कि वो एक निवेश घोटाले से जुड़े लेन-देन में शामिल थीं, जिसमें एक शिकायतकर्ता को फिल्म में पहचान दिलाने का वादा किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि कथित तौर पर कुछ रकम उनके खातों के जरिए गुजरी और कुछ संपत्ति खरीद में इस्तेमाल हुई। अब फिलहाल वो जमानत पर बाहर हैं और अपने खिलाफ लगे आरोपों का कानूनी रूप से सामना कर रही हैं।

Published on:
01 Mar 2026 06:50 am
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