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400 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म में ‘महाराज’ का किरदार निभाएंगे संजय दत्त, सच्ची कहानी पर आधारित है फिल्म

संजय दत्त 'केजीएफ चैप्टर 2' के बाद एक मेगा हाई बजट फिल्म का हिस्सा बनने जा रहे हैं. इस फिल्म में वो महाराज के किरदार में नजर आएंगे. खास बात ये है कि इस फिल्म का बजट 400 करोड़ रुपये का है. बता दें कि ये फिल्म द्वितीय विश्व युद्ध पर आधारित है.
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400 करोड़ के बजट वाली इस फिल्म में 'महाराज' का किरदार निभाएंगे संजय दत्त

बॅालीवुड के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने इंडस्ट्री की कई बड़ी और हिट फिल्मों में काम किया है. खुद संजय दत्त की बायोग्राफी 'संजू' बन चुकी हैं, जिसमें रणबीर कपूर ने संजय दत्त का किरदार निभाया था. फिल्म को दर्शकों का काफी अच्छे रिस्पॉन्स भी मिला था. इसके अलावा संजय दत्त भी जल्द ही कई फिल्मों में नजर आने वाले हैं, जिसमें 'घुड़चढ़ी', 'शमशेरा' और 'केजीएफ चैप्टर 2' जैसी फिल्में शामिल हैं. इसके अलावा संजय दत्त एक मेगा हाई बजट फिल्म का हिस्सा बनने जा रहे हैं. इस फिल्म में वो महाराज के किरदार में नजर आएंगे. खास बात ये है कि इस फिल्म का बजट 400 करोड़ रुपये का है.

ये फिल्म द्वितीय विश्व युद्ध पर आधारित है. इस फिल्म का नाम 'द गुड महाराजा' है. इस फिल्म की शूटिंग गुजरात में होगी, जहां इसका सेट लगाया गया है. इस फिल्म महाराजा जाम साहब दिग्विजयसिंह जी रणजीत सिंह के जीवन पर आधारित होगी. बताया जा रहा है कि इस फिल्म की कहानी भी काफी दिलचस्प बताई जा रही है. दूसरे विश्व युद्ध के दौरान महाराजा जाम साहब दिग्विजयसिंह ने सोवियत रूस से बचाए गए हजारों बच्चों को बलाचडी गुजरात में शरण दी थी. यही किरदार संजय दत्त निभाने वाले हैं. इंडो-पोलिश फिल्म 'नो मीन्स नो' के लिए सुर्खियों में रहे फिल्म मेकर विकाश वर्मा ने इस फिल्म के लिए तैयारियां शुरू कर दी है.

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उस समय के सोवियत रूस से बचाए गए 1000 पॉलिश बच्चों को जामनगर के महाराजा दिग्विजय सिंह रंजीत सिंह जडेजा गुजरात में शरण दी थी. वहीं अगर फिल्म 'द गुड महाराजा' में काम करने वाले एक्टर्स के बारे में बात करें तो इसमें संजय दत्त, गुलशन ग्रोवर जैसे एक्टर्स के अलावा पोलैंड के कई एक्टर्स भी काम कर रहे हैं. फिल्म में संजय दत्त नवांनगर के महाराजा जाम साहिब के टाइटल रोल में हैं और साथ ही ध्रुव वर्मा एक रूसी स्नाइपर के लीड रोल में हैं.

बता दें कि इस फिल्म के बारे में बात करते हुए विकाश वर्मा ने बताया कि इस तरह की मास्टरपीस कहानी जो दुनिया के इतिहास में एक खास मौके पर रची-बसी हो, तो फिल्म से जुड़े हर एक पक्ष के लिए रिसर्च सबसे जरूरी हो जाती है. चाहे वो स्क्रिप्टिंग हो, डायलॉग्स हों, ऐक्शन हो, कॉस्ट्यूम आदि हों, दर्शकों के लिए सिनेमा का सबसे प्रामाणिक अनुभव लाने के लिए फिल्म का हर डिपार्टमेंट गहरी रिसर्च करने में लगा हुआ है.

Published on:
27 Feb 2022 01:45 pm
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