
Shabana Azmi On Sonam Wangchuk Health: देश की शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन अब सिर्फ सामाजिक कार्यकर्ताओं तक सीमित नहीं रह गया है। बॉलीवुड की कई हस्तियां भी खुलकर अपनी राय रख रही हैं। इसी कड़ी में दिग्गज अभिनेत्री शबाना आजमी और अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने भी पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है। एक ओर शबाना आजमी ने वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की, वहीं स्वरा भास्कर खुद जंतर-मंतर पहुंचीं और प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद रहकर आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई।
लंबे समय से सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहने वाली शबाना आजमी ने सोशल मीडिया के जरिए भावुक मैसेज शेयर किया। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे लोगों की जरूरत है जो अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े हों और सच की आवाज बनें। उन्होंने माना कि वांगचुक जैसे लोगों का मार्गदर्शन देश के लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
हालांकि अभिनेत्री ने यह भी कहा कि किसी भी बड़े आंदोलन को आगे तक ले जाने के लिए नेतृत्व का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने वांगचुक से आग्रह किया कि वह अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अनशन समाप्त करने पर विचार करें ताकि भविष्य में भी छात्रों और समाज का मार्गदर्शन कर सकें।
शबाना आजमी के बाद अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचीं, जहां सोनम वांगचुक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने मंच पर जाकर वांगचुक से मुलाकात की और उनके संघर्ष की सराहना की।
स्वरा ने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने आंदोलन में शामिल लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए इस तरह की आवाजों की जरूरत है।
अपने संबोधन के दौरान स्वरा भास्कर ने देश की शिक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े संस्थानों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण और निष्पक्ष शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन की शुरुआत जून में हुई थी। बाद में सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल हुए और उन्होंने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। आंदोलन से जुड़े लोग कथित परीक्षा अनियमितताओं को लेकर जवाबदेही तय करने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा और छात्रों के हितों की रक्षा से जुड़ी मांगें उठा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ उन परिवारों के लिए न्याय और मुआवजे की भी मांग कर रहे हैं, जिनके बच्चों की कथित परीक्षा विवादों के बाद आत्महत्या के मामले सामने आए।
सोनम वांगचुक के आंदोलन को लगातार सामाजिक और राजनीतिक समर्थन मिल रहा है। हाल के दिनों में जीनत अमान, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह, अभय देओल, ओमी वैद्य और रुबीना दिलैक जैसी कई हस्तियां भी उनके समर्थन में सामने आ चुकी हैं। अब शबाना आजमी और स्वरा भास्कर के जुड़ने से यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया है।
आने वाले दिनों में संसद के मानसून सत्र के दौरान प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण मार्च का भी ऐलान किया है। ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस आंदोलन और उससे जुड़ी मांगों पर क्या रुख अपनाती है।