
Shefali Shah First Marriage: एक्ट्रेस शेफाली शाह ने अपनी पहली शादी और तलाक से जुड़े अनुभवों पर अपनी नई किताब 'द ओडेसिटी ऑफ बींग' में खुलकर बात की है। हालांकि अभिनेत्री ने किताब में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया है और न ही अपनी पहली शादी के टूटने की वजह या उससे जुड़ी निजी घटनाओं का जिक्र किया है। शेफाली ने बताया कि उन्होंने इस अनुभव को किसी व्यक्तिगत आरोप की तरह नहीं, बल्कि शादी और रिश्ते के टूटने की एक सामान्य प्रक्रिया के तौर पर लिखा है।
शेफाली शाह ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने किताब में किसी का नाम नहीं लिया और न ही यह बताने की कोशिश की है कि उनकी शादी में वास्तव में क्या हुआ था। उनका फोकस इस बात पर है कि जब दो लोग शादी करते हैं तो वो अक्सर तलाक की संभावना के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं होते। अभिनेत्री की पहली शादी अभिनेता हर्ष छाया से हुई थी। बाद में उन्होंने साल 2000 में फिल्ममेकर और प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह से शादी की। दोनों के दो बेटे हैं, आर्यमान और मौर्य।
शेफाली ने कहा कि लोग अक्सर शादी को एक ऐसी कहानी के रूप में देखते हैं, जिसका अंत हमेशा 'हैप्पीली एवर आफ्टर' होना चाहिए। लेकिन वास्तविक जिंदगी हमेशा इसी तरह नहीं चलती। उनके मुताबिक, शादी उम्मीद के मुताबिक नहीं चलती तो व्यक्ति के पास उस वास्तविकता को स्वीकार करने और उससे निपटने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता।
जब शेफाली से पूछा गया कि उन्होंने अपनी निजी जिंदगी के इतने संवेदनशील हिस्से को किताब में लिखने में झिझक महसूस नहीं की, तो उन्होंने कहा कि इसमें छिपाने जैसा कुछ नहीं था। उनका कहना था कि उन्होंने इस विषय को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ लिखा है। यह किसी एक व्यक्ति की कहानी से ज्यादा उस स्थिति के बारे में है, जब किसी रिश्ते को यह एहसास होने लगता है कि वह टूटने की कगार पर पहुंच चुका है।
The Audacity of Being सिर्फ शादी और तलाक पर आधारित किताब नहीं है। इसमें प्यार, दिल टूटना, दोस्ती, समुदाय, उम्र बढ़ने के साथ एक अभिनेत्री के तौर पर आने वाली चुनौतियां, रचनात्मक असुरक्षा, बॉडी इमेज और पैरेंटिंग जैसे विषय भी शामिल हैं। तीन दशक से ज्यादा लंबे करियर में शेफाली शाह ने ‘सत्या’, ‘मॉनसून वेडिंग’, 'दिल धड़कने दो', 'जलसा' और 'डार्लिंग्स' और एमी अवॉर्ड जीत चुकी सीरीज ‘दिल्ली क्राइम’ जैसी फिल्मों और प्रोजेक्ट्स में अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं।
अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक करने को लेकर शेफाली यह भी मानती हैं कि जब कोई व्यक्ति कैमरे, किताब या सोशल मीडिया के जरिए खुद को लोगों के सामने रखता है, तो लोग उसके बारे में अपनी राय जरूर बनाएंगे।