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दो एपिसोड में शो बंद होने के सवाल पर शेखर सुमन ने मजाकिया अंदाज में दिया जवाब, बोले- जब तक जनता मेरे साथ, कभी बंद नहीं हो सकता

Shekhar Suman Tonite Show: शेखर सुमन ने हाल ही में इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए अपने शो को लेकर मजाकिया अंदाज में हेटर्स को रोस्ट किया है।
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Jun 24, 2026
Shekhar Suman Tonite Show
Shekhar Suman Tonite Show (सोर्स- एक्स)

Shekhar Suman Tonite Show: अभिनेता और होस्ट शेखर सुमन हाल ही में अपने शो शेखर सुमन टुनाइट शो के साथ दर्शकों के सामने एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में लौट चुके हैं। शेखर सुमन इन दिनों अपने टॉक शो ‘शेखर टूनाइट’ से सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। इस शो के जरिए शेखर कई मुद्दों पर हंसी-मजाक के जरिए बात करते हैं। उनके शो को अब तक काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। बस इसी पर ही हाल ही में उन्होंने एक वीडियो शेयर किया और मजाक-मजाक में शो बंद होने की बातों पर अपना रिएक्शन दिया। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।

शेखर सुमन ने शो बंद होने के सवाल पर क्या कहा?

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में शेखर सुमन ने कोई सवाल करता है- 'एसएस बॉस लोग तो कह रहे थे कि तुम्हारा शो दो एपिसोड में बंद हो जाएगा, लेकिन भगवान की दया से ये शो झंडे गाड़ रहा है, क्या कहना चाहोगे? इस सवाल के जवाब में शेखर सुमन कहते हैं- नहीं नहीं, कोशिश तो इन्होंने बहुत की थी कि शो बंद हो जाएगा. किसने? अरे इधर करो कैमरा, ये सब हमारे राइटर्स हैं, इन्होंने बड़ी कोशिश की कि ये शो बंद हो जाएगा, जो पीछे मुंह छुपा के जो हस रही है, बैंटी है, जो इनकी सरगना है, वो ही उकसाती है, भड़काती है।

इसके बाद शेखर सुमन कहते हैं कि जब तक जनता हमारे साथ है तब तक शो कभी बंद नहीं हो सकता।

पैसे की ताकत पर शेखर का बयान

हाल ही में मिड-डे के साथ बातचीत में शेखर सुमन ने बताया कि कुछ सालों पहले इंडस्ट्री में कैसे काम होता था। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि आज सबसे बड़ा फायदा जो है वो आजादी है, जिससे हम अपनी कहानियां बेझिझक कह सकते हैं।'

इंटरव्यू में वेटरन एक्टर ने आगे कहा, 'पहले फिल्ममेकर्स को अक्सर कहा जाता था कि कुछ टॉपिक्स नहीं चलेंगे और फिल्म बनाने के लिए बड़े स्टार्स और स्ट्रॉन्ग बिजनेस प्रपोजल की जरुरत होती थी। देखा जाए तो उस दौर में पूरा सिस्टम इसी तरह काम करता था।' इसके साथ ही क्रिएटिविटी पर अपनी राय रहते हुए उन्होंने कहा, लेकिन आज, क्रिएटिव आजादी बहुत ज्यादा है और हम ऐसा कंटेंट आसानी से बना सकते हैं जिस पर हम सच में विश्वास करते हैं।'

फिल्मों का एक तय टेम्पलेट होता था

वहीं, शेखर सुमन ने इंडस्ट्री के पुराने फॉर्मूले की आलोचना करते हुए कहा, "एक तय टेम्पलेट होता था, हीरो, हीरोइन, गाने, रोमांस, विलेन और आखिर में हैप्पी एंडिंग। फोकस हमेशा कहानी पर नहीं होता था; अक्सर इस बात पर होता था कि फिल्म कितने एक्टर्स को प्रभावित कर सकती है। पहले फ़िल्में एक्टर्स के दम पर चलती थीं, लेकिन अब एक्टर्स किरदारों को सशक्त बना रहे हैं।'

Published on:
24 Jun 2026 09:36 am