
Shobhinaw Satyaa On Captain Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुई एक गंभीर घटना ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया था। इस खतरनाक स्थिति के दौरान फ्लाइट के कैप्टन स्मित मच्छार ने जिस सूझबूझ, हिम्मत और आस्था का परिचय दिया, उसकी तारीफ हर तरफ हो रही है। फिल्म हनुमान अंश के अभिनेता और फिल्ममेकर शोभिनव सत्या (Shobhinaw Satyaa) ने भी कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि इस घटना ने लोगों के मन में यह अहसास कराया है कि संकट के समय आज भी चमत्कार और अटूट विश्वास काम आते हैं।
शोभिनन सत्या NDTV कॉन्क्लेव में पहुंचे थे। इस दौरान बात करते हुए शोभिनव सत्या ने याद किया कि जब उन्होंने पायलट स्मित मच्छार की इस दिल दहला देने वाली और प्रेरणादायक कहानी के बारे में सुना, तो उन्होंने तुरंत एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किया था, जिसे लोगों ने बहुत पसंद किया और बड़े पैमाने पर शेयर किया।
शोभिनव ने कहा, "हम सब ऐसी बहादुरी की कहानियां सुनते हुए बड़े हुए हैं। लेकिन उन पुरानी कथाओं को सुनकर अक्सर ऐसा लगता है कि ऐसी घटनाएं बहुत पहले, अतीत के किसी दौर में घटी होंगी और अब ऐसे लोग नहीं मिलते। लेकिन कैप्टन स्मित मच्छर जैसी घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि आज के दौर में भी असली हीरो और जांबाज लोग हमारे बीच मौजूद हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि इस पूरी घटना का सबसे खास पहलू वह अटूट विश्वास था जिसने उस भयंकर संकट की घड़ी में पायलट को संभाले रखा। शोभिनव ने कहा कि जब कैप्टन ने उस जानलेवा स्थिति में लगातार हनुमान चालीसा का पाठ किया, तो उन्होंने करोड़ों लोगों की आस्था को छुआ। उन्होंने कैप्टन स्मित मच्छर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस घटना ने हमारे उस विश्वास को और ज्यादा मजबूत कर दिया है जो हमारे भीतर पहले से ही गहराई से बसा हुआ है।
बता दें, फ्लाईदुबई की उस फ्लाइट के दौरान कॉकपिट में एक खतरनाक हमला हुआ था। इस दौरान एयरक्राफ्ट महज 30 सेकंड से भी कम समय में लगभग 14 फीट नीचे गिर गया था। हमले में घायल होने और भीषण दर्द से गुजरने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छर ने असाधारण मानसिक संतुलन बनाए रखा।
बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बातचीत में भी कैप्टन ने बताया था कि उस जानलेवा दर्द और आपातकालीन स्थिति में लगातार हनुमान चालीसा के पाठ ने उन्हें शांत रहने और प्लेन में सवार 174 यात्रियों की जान बचाने की आंतरिक शक्ति दी। क्रू सदस्यों और दूसरे पायलट्स की सूझबूझ से प्लेन को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक की तरफ डायवर्ट कर लिया गया था, जिससे सभी यात्रियों की जान सुरक्षित बच गई थी।