Shrysh Zutshi On Playing Baba Ladla In Dhurandhar 2: रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' में बाबा लाडला का किरदार निभाने वाले एक्टर श्रिष जुत्शी ने अपने अनुभव को साझा किया है।
Shrysh Zutshi On Playing Baba Ladla In Dhurandhar 2: इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही फिल्म फ्रेंचाइजी 'धुरंधर' के हर किरदार की चर्चा हो रही है, लेकिन एक ऐसा किरदार जिसने दर्शकों पर खास असर छोड़ा है, वो है ‘बाबला लाडला’। इस खतरनाक गैंगस्टर का रोल निभाने वाले अभिनेता श्रिष जुत्शी ने हाल ही में अपने इस किरदार की तैयारी और उससे जुड़ी चुनौतियों पर खुलकर बात की है।
श्रिष जुत्शी ने 'जूम' से बातचीत करते हुए बताया कि बाबला सिर्फ एक सामान्य गैंगस्टर का किरदार नहीं था, बल्कि ये एक ऐसी शख्सियत पर आधारित था, जिससे लोग डरते भी थे और जिसका नाम सुनते ही इलाके में खामोशी छा जाती थी। इस किरदार को पर्दे पर सजीव बनाने के लिए उन्होंने महीनों तक रिसर्च और मानसिक तैयारी की।
फिल्म में बाबला का किरदार कुख्यात गैंगस्टर बाबा लाडला से प्रेरित बताया जा रहा है, जो ल्यारी इलाके में लंबे समय तक आतंक का पर्याय माना जाता था। श्रिष जुत्शी ने कहा कि जब उन्होंने इस किरदार की पृष्ठभूमि को समझना शुरू किया, तो उन्हें पता चला कि उस व्यक्ति के अपराधों की सूची बेहद लंबी थी। यही वजह थी कि उसकी मौत के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली थी। एक्टर ने ये भी बताया कि जिस दिन असली गैंग्स्टर बाबा लाडला मरा था तो उस दिन ल्यारी के लोगों ने खुशियां मनाई थीं।
अभिनेता के मुताबिक, ऐसे किरदार को निभाने के लिए सिर्फ बाहरी लुक बदलना काफी नहीं होता, बल्कि उसके सोचने और व्यवहार करने के तरीके को भी समझना जरूरी होता है।
श्रिष जुत्शी ने बताया कि उन्होंने बाबला के किरदार के लिए अपने बोलने के अंदाज, चलने के तरीके और बॉडी लैंग्वेज तक पर खास मेहनत की। उन्होंने वजन बढ़ाने के साथ-साथ किरदार की आक्रामकता और अपने गैंग लीडर के प्रति वफादारी को भी गहराई से समझने की कोशिश की।
दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने शूटिंग के दौरान ही नहीं बल्कि ऑफ-कैमरा भी खुद को उसी दुनिया में ढाल लिया था, ताकि किरदार की वास्तविकता बनी रहे। उनके मुताबिक, ऐसे रोल को सिर्फ निभाया नहीं जाता बल्कि उसे जीना पड़ता है।
फिल्म में अभिनेता रणवीर सिंह के साथ उनका एक खास एक्शन सीन दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। इस सीन की शूटिंग के दौरान कई दिनों तक रिहर्सल की गई ताकि हर मूवमेंट सटीक तरीके से फिल्माया जा सके।
श्रिष ने बताया कि एक रिहर्सल के दौरान गलती से प्रॉप गन रणवीर सिंह की नाक से टकरा गई थी, जिससे उन्हें हल्की चोट भी लगी। हालांकि रणवीर ने बेहद पेशेवर अंदाज में स्थिति को संभाला और शूटिंग जारी रखी।
फिल्म में अक्षय खन्ना के साथ काम करने का अनुभव भी श्रिष जुत्शी के लिए यादगार रहा। उन्होंने बताया कि अक्षय खन्ना शूटिंग के दौरान पूरी तरह अपने किरदार में डूबे रहते थे, जिससे सेट का माहौल भी उसी अनुसार गंभीर बना रहता था।
वहीं निर्देशक आदित्य धर के बारे में उन्होंने कहा कि उनके पास हर सीन की स्पष्ट कल्पना पहले से होती थी। यही वजह है कि कलाकारों को अपने किरदार को बेहतर ढंग से समझने में काफी मदद मिलती थी।
श्रिष जुत्शी का फिल्मी सफर भी कम दिलचस्प नहीं रहा है। कश्मीरी पंडित परिवार से ताल्लुक रखने वाले श्रिष ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। इसके बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाई।
उन्होंने 'कीर्ति चक्र' और 'कुरुक्षेत्र' जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा वो 'नोटबुक' और 'अमरन' जैसी फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं। करीब दो दशक के लंबे सफर के बाद ‘धुरंधर’ में निभाया गया बाबला का किरदार उनके करियर के अहम पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।
फिल्म को लेकर कुछ लोगों ने इसे प्रोपेगेंडा फिल्म भी बताया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए श्रिष जुत्शी ने साफ कहा कि सिनेमा का उद्देश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर करना होता है, न कि किसी तय विचार को थोपना। उनके मुताबिक, ‘धुरंधर’ एक मजबूत कहानी और तकनीकी स्तर पर तैयार की गई फिल्म है, जिसे सिर्फ प्रोपेगेंडा कहना सही नहीं होगा।
श्रिष जुत्शी का मानना है कि एक कलाकार के लिए हर किरदार एक सीख लेकर आता है, और ‘बाबला’ उनके लिए ऐसा ही अनुभव रहा जिसने उन्हें अभिनय की नई गहराइयों से परिचित कराया।