
Kangana Ranaut Kissing Vir Das: फिल्म इंडस्ट्री में इंटीमेट सीन, ऑन-स्क्रीन रोमांस और कलाकारों की सहमति को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। ये विवाद तब और गहरा गया जब सिमी चंदोक ने एक इंटरव्यू में सिद्धार्थ कनन के शो में फिल्म सेट्स के अनुभवों और कुछ कलाकारों को लेकर कई तीखे और विवादित दावे किए। वरिष्ठ पत्रकार ने कंगना रनौत, जैकलीन फर्नाडिंस, नरगिस फाखरी को लेकर दावे किए।
सिमी चंदोक ने सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत के दौरान दावा किया कि फिल्म शूटिंग के दौरान कई बार कलाकारों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, खासकर इंटीमेट या रोमांटिक सीन के दौरान। उन्होंने ये भी कहा कि कुछ पुराने दौर की अभिनेत्रियों पर भी सामाजिक और पारिवारिक दबाव थे, जिसके कारण वे कई चीजों पर खुलकर प्रतिक्रिया नहीं दे पाईं। इस दौरान उन्होंने रेखा और डिंपल कपाड़िया का उदाहरण देते हुए कहा कि उस दौर में महिलाओं के लिए हालात काफी अलग थे।
इसी बातचीत में उन्होंने आधुनिक फिल्मों के कुछ उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि आज के समय में भी शूटिंग के दौरान कई बार सीमाएं धुंधली हो जाती हैं। उन्होंने चित्रांगदा सिंह और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की एक फिल्म के इंटिमेट सीन का हवाला देते हुए कहा कि कभी-कभी सीन खत्म होने के बाद भी स्थिति सामान्य नहीं रहती और क्रू के सामने असहजता बढ़ जाती है।
सिमी ने ये भी दावा किया कि कुछ मामलों में डायरेक्टर और सेट की परिस्थितियां इतनी दबावपूर्ण हो जाती हैं कि कलाकारों को असहज होकर भी सीन करना पड़ता है, हालांकि उन्होंने इसे व्यक्तिगत अनुभव के बजाय सामान्य इंडस्ट्री चर्चा के रूप में पेश किया।
बातचीत के दौरान उन्होंने कुछ समकालीन अभिनेताओं और अभिनेत्रियों का भी उल्लेख किया, जिनमें जैकलीन फर्नांडिस, टाइगर श्रॉफ और सिद्धार्थ मल्होत्रा शामिल हैं। इन उदाहरणों के जरिए उन्होंने फिल्म सेट्स पर इंटीमेसी और किसिंग सीन को लेकर होने वाली चर्चाओं पर अपनी राय रखी।
वहीं इसी इंटरव्यू के दौरान सिमी चंदोक ने कंगना रनौत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रिवॉल्वर रानी की शूटिंग के दौरान कंगना भी वीर दास को डायरेक्टर के कट बोलने के बाद भी किस करती रहीं। वीर दास के होंठों से खून तक निकल गया था। हालांकि साल 2023 में खुद मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कंगना रनौत ने ऐसे पूरे वाक्य से ही इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि ऐसा कभी भी कोई घटना नहीं हुई है पता नहीं ये बात कहां से फैल गई। वहीं वीर दास की ओर से कभी इस मुद्दे पर खुलकर बात नहीं की गई।