
Soni Razdan On Air Pollution: अभिनेत्री दीया मिर्जा के पर्यावरण-अनुकूल (Eco-friendly) दिवाली वाले जागरूकता वीडियो को लेकर मचे घमासान के बीच अब वरिष्ठ अभिनेत्री सोनी राजदान (Soni Razdan) भी खुलकर सामने आ गई हैं। सोशल मीडिया पर बेबाक अंदाज में अपनी राय रखने वाली सोनी राजदान ने त्योहारी सीजन में बढ़ते वायु प्रदूषण (Air Pollution) और उससे छोटे बच्चों की सेहत पर पड़ने वाले बुरे प्रभावों को लेकर एक तीखा पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस त्योहारी मौसम में पटाखों से दूरी बनाना पूरी तरह से सही है और पर्यावरण व बच्चों की भलाई की अनदेखी करना 'एंटी-हेल्थ' के साथ-साथ 'एंटी-नेशनल' भी है।
सोनी राजदान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह इस बार पटाखा-मुक्त दिवाली मनाएं। उन्होंने लिखा कि किसी भी छोटे बच्चे के माता-पिता से पूछिए, वह आपको बताएंगे कि वायु प्रदूषण के कारण उनके बच्चों को किस कदर सांस लेने में परेशानी और अन्य बीमारियों का सामना करना पड़ता है, जिसके चलते वह अपने स्कूल के कितने ही दिन मिस कर देते हैं।
सोनी राजदान ने अपनी पोस्ट में लिखा, "तो अगर आप मुझसे यह कहते हैं कि ऐसे हालातों में इस दिवाली एक भी पटाखा फोड़ना बिल्कुल ठीक है, तो मैं बस यही कहूंगी कि यह मुझे एंटी-लाइफ, एंटी-हेल्थ और हां... एंटी-नेशनल लगता है। स्वास्थ्य एक ऐसी पसंद है जिसे हम अपने और अपने बच्चों के लिए चुनते हैं। आइए हम सब मिलकर सही चुनाव करें।" उनकी इस पोस्ट को जोया अख्तर सहित कई जाने-माने सेलिब्रिटीज ने लाइक किया, लेकिन संभावित विवाद से बचने के लिए उन्होंने कमेंट सेक्शन को बंद कर रखा था।
सोनी राजदान का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अभिनेत्री दीया मिर्जा का बीएमसी (BMC) के लिए बनाया गया दिवाली जागरूकता वीडियो भारी विवादों के घेरे में आ गया था। बीएमसी के इस पब्लिक सर्विस अनाउंसमेंट (PSA) कैंपेन में दीया ने लोगों से सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे न जलाने और प्रदूषण-मुक्त दिवाली मनाने की अपील की थी।
इस अभियान में माधुरी दीक्षित सहित कई अन्य हस्तियां भी शामिल थीं, लेकिन केवल दीया मिर्जा के वीडियो पर कुछ राजनीतिक नेताओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने कड़ी आपत्ति जताई थी। मुंबई की नेता रितु तावड़े सहित बीजेपी नेताओं के विरोध के बाद नगर निगम ने दबाव में आकर वह वीडियो अपने प्लेटफॉर्म से हटा लिया था।
हालांकि, इस मामले ने तब एक नया मोड़ लिया जब बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी के इस कदम पर कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और डॉ. नीला गोखले की बेंच ने राजनीतिक नेताओं की टिप्पणियों पर असंतोष जताते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि भारत एक सेक्युलर (धर्मनिरपेक्ष) देश है। साथ ही, अदालत ने बीएमसी को निर्देश दिया कि वह दीया मिर्जा के उस डिलीट किए गए वीडियो को तुरंत दोबारा रिस्टोर (रिअपलोड) करे। एक तरफ जहां त्योहारों के नाम पर प्रदूषण और परंपरा की बहस तेज है, वहीं फिल्मी हस्तियों का यह रुख समाज में एक नई चेतना जगाने का काम कर रहा है।