Bollywood Actress Accident At 16: टीवी की वो फेमस एक्ट्रेस जिनकी जिंदगी एक्सीडेंट के बाद पूरी तरह से बदल गई। सालों बाद खुद उन्होंने अपने लकड़ी के पैर की पूरी कहानी सुनाई।
Bollywood Actress Accident At 16: मनोरंजन जगत में नेगेटिव किरदार निभाने वाली अभिनेत्री और भरतनाट्यम डांसर जिन्होंने अपना एक पैर खोने का बाद भी डांस जारी रखा और जो उनके माता-पिता ने सपना देखा था उसे पूरा किया। उनकी जिंदगी की कहानी ऐसी है जो रूह कंपा सकती है। हम बात कर रहे हैं फेमस एक्ट्रेस सुधा चंद्रन की। उन्होंने हाल ही में अपने एक्सीडेंट और नकली पैर को लेकर बात की है। उन्होंने बताया कि पैर कटने के बाद वह डिप्रेशन में चली गई थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि मैंने अपनी जिंदगी अपने असली पैर से ज़्यादा अपने नकली पैर के साथ जी है और मुझे इससे प्यार है।
सुधा ने हाल ही में सिद्धार्थ कनन से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि वह दौर उनके सपनों के उड़ान भरने का था। उन्होंने कहा, "हम मंदिर से दर्शन करके लौट रहे थे जब हमारा एक्सीडेंट हुआ था। अस्पताल में जब मुझे पता चला कि मेरा पैर काटना पड़ेगा, तो मैं सुन्न हो गई थी। मैंने अपनी दादी से सिर्फ एक सवाल पूछा- हम भगवान के दर्शन करके आ रहे थे, फिर मेरे साथ ही ऐसा क्यों हुआ?"
सुधा के लिए चलना तो एक चुनौती थी ही, लेकिन उनका सबसे बड़ा डर डांस को लेकर था। उन्होंने बताया कि 'जयपुर फुट' के बारे में पता चलने के बाद उन्हें एक उम्मीद जगी थी। वह मुंबई लौटीं और गुपचुप तरीके से दोबारा प्रैक्टिस शुरू की। सुधा कहती हैं, "आज 'तीन साल' कहना आसान लगता है, लेकिन उन तीन सालों के हर एक सेकंड का दर्द सिर्फ मैं, मेरी मां और मेरे गुरुजी जानते थे। मेरे पिता को भी इस प्रैक्टिस की खबर नहीं थी। जब भी वह काम पर जाते, हम घर का दरवाजा बंद कर लेते और मैं घंटों पसीना बहाती औक तीन साल की कड़ी मेहनत के बाद जब मैंने अपने पिता को बताया कि मैं स्टेज पर परफॉर्म करने जा रही हैं, तो वह दंग रह गए थे। पिता ने सिर्फ इतना कहा कि वह तैयार है, अब अपना हौसला मत डगमगाने देना।"
सुधा चंद्रन आज भी अपने प्रोस्थेटिक पैर को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानती हैं। उन्होंने कहा कि बाजार में कई आधुनिक मॉडल आए, लेकिन उन्होंने हमेशा अपनी वफादारी जयपुर फुट के साथ रखी। सुधा ने बताया, "जब भी मैं घर से बाहर निकलती हूं, मैं अपने इस पैर से मन ही मन कहती हूं- मेरी इज्जत बचाना। इसने मुझे कभी धोखा नहीं दिया। यह अब मेरी लकड़ी का टुकड़ा नहीं, मेरे शरीर का हिस्सा बन गया है। मैं इससे बातें करती हूं, इसकी देखभाल करती हूं।"
अक्सर लोग सुधा से पूछते हैं कि क्या डांस करते समय उन्हें दर्द होता है? इस पर वह मुस्कुराकर जवाब देती हैं, "नहीं, अब दर्द नहीं होता। शायद जब आप जिंदगी में एक बड़े दर्द से गुजर जाते हैं, तो वह आपका हिस्सा बन जाता है। जिस दिन मेरा पैर कटा था, मैं आखिरी बार रोई थी। उसके बाद मैंने अपने आंसू सुखा लिए क्योंकि मुझे पता था कि अगर मैं टूटी, तो मेरे माता-पिता बिखर जाएंगे।"
सुधा चंद्रन की यह कहानी हमें सिखाती है कि अगर हौसला बुलंद हो, तो कोई भी शारीरिक कमी आपके सपनों के आड़े नहीं आ सकती। आज वह न केवल एक सफल अभिनेत्री हैं, बल्कि दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी हैं।