
Sunita Ahuja Statement on Diwali: बॉलीवुड एक्ट्रेस दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली कैम्पेन पर चल रही कॉन्ट्रोवर्सी के बीच, अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने बिना पटाखों के दिवाली मनाने पर अपनी राय रखी। उन्होंने लोगों से पटाखे न जलाने की अपील करते हुए कहा कि तेज शोर से जानवर डर जाते हैं, और बुजुर्गों और मरीजों को परेशानी होती है।
मंगलवार (3 नवंबर) को मुंबई एयरपोर्ट पर सुनीता आहूजा स्पॉट हुईं, जहां उन्होंने फोटोग्राफरों से बातचीत के दौरान एक जिम्मेदार दिवाली मनाने के बारे में बात की। जानवरों और बुजुर्गों के प्रति संवेदनशील रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, "मैं आप सभी से गुजारिश करूंगी कि कृपया दिवाली पर पटाखे न जलाएं, क्योंकि कुत्तों को डर लगता है। जिन घरों में बुजुर्ग हैं, उनके लिए भी यह ठीक नहीं है।"
इसके साथ ही उन्होंने त्योहार मनाने के कुछ अन्य तरीके भी सुझाए, और परिवारों से कहा कि वे पटाखे जलाने के बजाय घर पर अच्छा खाना-पीना खाएं, म्यूजिक सुनें और खेलों के साथ दिवाली मनाएं। उन्होंने आगे कहा, "तो दिवाली मनाएं, ताश खेलें और घर पर मजे करें। अच्छा खाएं, नाचें और गाएं। लेकिन बहुत ज्यादा पटाखे न जलाएं, क्योंकि जानवर बहुत डर जाते हैं। वे बोल नहीं सकते, लेकिन उन्हें डर लगता है। साथ ही, कृपया अपने बुजुर्गों का भी ख्याल रखें। मैं आप सभी से यही गुजारिश करती हूं।"
सुनीता की यह अपील ऐसे समय में आई है जब BMC के प्रदूषण-मुक्त दिवाली अभियान में दीया मिर्जा की भागीदारी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। नगर निकाय (BMC) ने लोगों को जिम्मेदारी से त्योहार मनाने और वायु प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए अभिनेत्री को इस अभियान से जोड़ा था।
इस अभियान के एक वीडियो में दीया मिर्जा नागरिकों से अपील करती नजर आईं कि वे बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सार्वजनिक सड़कों पर पटाखे न जलाएं। यह पहल मुंबई की हवा की गुणवत्ता और सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर पटाखों के असर को लेकर जताई गई चिंताओं के बीच शुरू की गई थी।
हालांकि, इस वीडियो की कुछ राजनीतिक नेताओं ने आलोचना की, जिसके बाद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया।
यह विवाद 3 नवंबर को बॉम्बे हाई कोर्ट पहुंचा, जहां कोर्ट ने दीया के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए भाजपा नेताओं की आलोचना की। साथ ही, राजनीतिक विरोध के बीच अपना रुख स्पष्ट करते हुए, बेंच ने BMC को हटाया गया वीडियो वापस बहाल करने का निर्देश दिया।