
Sunita Ahuja On relationship with Govinda: बॉलीवुड के 'चीची' यानी अभिनेता गोविंदा (Govinda) और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा (Sunita Ahuja) अक्सर अपनी पर्सनल लाइफ, बेबाक बयानों और तलाक की खबरों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। वह अक्सर अपने पति पर अफेयर के आरोप लगाती आई हैं। वहीं, गोविंदा का नाम भी अभिनेत्री रानी स्वर्णकार से जुडता आया है। अब इन्हीं चर्चाओं के बीच सुनीता आहूजा ने नया बयान दिया है। उन्होंने एक बातचीत में कहा कि गोविंदा ने जो पूरी जिंदगी जी है वह उनके भाग्य की है। उनके इन बयानों ने एक बार फिर से सोशल मीडिया और गलियारों में हलचल मचा दी है।
सुनीता आहूजा ने पिंकविला संग खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अपनी शादीशुदा जिंदगी और फिल्मों में आने को लेकर बात की। जब सुनीता ने सवाल पूछा गया कि उन्होंने एक्टिंग में आने का इतना बड़ा फैसला पहले क्यों नहीं लिया। इतने सालों बाद ही क्यों? उन्होंने फिल्मों में आने का सोचा। सुनीता ने बड़े ही अनोखे अंदाज में जवाब दिया। सुनीता ने कहा कि उनका कभी भी फिल्मों में एक्टिंग करने का कोई इरादा नहीं था, क्योंकि गोविंदा ने उन्हें हमेशा किसी रानी महारानी की तरह रखा।
सुनीता आहूजा ने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा, "सास के समय से ही मेरे घर में 5-6 नौकर हुआ करते थे और मुझे हमेशा से अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने पर ध्यान देना था। अगर माता-पिता दोनों काम पर जाएं तो बच्चों को अच्छे संस्कार कैसे दिए जा सकते हैं? इसलिए उन्होंने अपना सारा ध्याना अपने दोनों बच्चों पर लगाया। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि जल्द ही अगले साल उनकी और उनके बेटे यशवर्धन की एक फिल्म आने वाली है। इस प्रोजेक्ट के लिए उन्होंने फिल्ममेकर साजिद खान का शुक्रिया अदा किया, क्योंकि साजिद ने ही उन्हें एक्टिंग के गुण सिखाए हैं।
सुनीता आहूजा ने आगे कहा, "जिंदगी का कोई भरोस नहीं है। आज सो रहे हो सुबह क्या हो जाए। इसलिए जिंदगी को हमेशा प्यार से और खुशहाली से ही जीना चाहिए।" सुनीता आहूजा ने आगे गोविंदा को लेकर कहा कि 40 साल की शादी है हमारी, मुश्किलें आती हैं और इसी को तो जिंदगी कहते हैं। वक्त-वक्त की बात है वह अपना देख रहे हैं मैं अपने कामों में बिजी हूं और हम दोनों को कोई ताकत अलग नहीं कर सकती। बाकी सब भगवान पर छोड़ा हुआ है। उन्हें पता है कि मेरे लिए क्या सही है और गोविंदा के लिए क्या अच्छा है। वहीं माता रानी करेंगी।"
वहीं, सुनीता आहूजा ने आगे कहा, मैंने अपनी जिंदगी में कभी किसी का बुरा नहीं किया और न ही कभी सोचा। मैं कर्मा में भरोसा करती हूं। घर की स्त्री की आंखों में आंसू नहीं आने चाहिए। वो अच्छी बात नहीं है और कर्मा एक ऐसी चीज है जो आपको पलटकर वार और लाठी लगती ही है। जो भी कुछ गलत करता है उसे वही मिलता है