बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता (Tanushree Dutta) ने हाल ही में पायल घोष मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। अनुराग कश्यप पर पायल द्वारा लगाए गए आरोपों की तुलना उनके मामले से होने पर उन्होंने नाराजगी जताई है।
नई दिल्ली | बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता (Tanushree Dutta) ने साल 2018 में इंडिया में मीटू आंदोलन (MeToo movement) चलाया था। उन्होंने बॉलीवुड के सीनियर एक्टर नाना पाटेकर (Nana Patekar) पर सेक्शुअल हैरसमेंट (Sexual Harrasment) का आरोप लगाया था। वहीं हाल ही में एक्ट्रेस पायल घोष (Payal Ghosh) ने अनुराग कश्यप पर यौन शोषण का आरोप लगाया है। जिसको लेकर तनुश्री ने पहली बार अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कुछ बोला है। मीटू मूवमेंट की शुरुआत करने वाली तनुश्री ने पायल को सपोर्ट नहीं किया है बल्कि उन्होंने खुद का नाम जोड़े जाने से नाराजगी जाहिर की है। तनुश्री ने कहा कि मेरे मामले को पायल घोष केस से कम्पेयर करने की कोई जरूरत नहीं है। मेरे केस की तुलना पायल के आरोपों से की जा रही है लेकिन ये कोशिश नाना पाटेकर को बचाने के लिए की जा रही है।
तनुश्री ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि कुछ पेड मीडिया और ट्रोलर्स जानबूझकर उनके केस की तुलना पायल घोष मामले से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि नाना पाटेकर हैरसमेंट केस में बच के निकल जाए। उन्होंने तो सारे सबूत होने के बावजूद कानून व्यवस्था को भी खरीद लिया था। अब वो मीडिया के सहारे इस केस की दिशा बदलने में लगे हुए हैं। मेरे साथ फिल्म हॉर्न ओके प्लीज के सेट पर जो हुआ वो बॉलीवुड के इतिहास पर सबसे बड़ा काला धब्बा है। ऐसा तब तक रहेगा जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता। फिल्म के सेट पर मुझे परेशान किया गया, इसकी वजह से मैंने बहुत कुछ झेला है।
तनुश्री ने पायल घोष केस के बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस मामले पर कुछ कह नहीं सकती क्योंकि आपकी तरह मैं भी कन्फ्यूज हूं। तनुश्री ने ये भी साफ किया कि जब तक उनका एक्टिंग करियर फिर से नहीं शूरू हो जाता इसकी भरपाई किसी ना किसी को तो करनी होगी। मैंने खुद को डिप्रेशन के लिए निकालने के लिए आध्यात्म का सहारा लिया।