
नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने फिल्मों में ज्यादातर एक विलेन का किरदार निभाया है, जो लोगों की जिंदगी में मुसीबत बनकर आता है। लेकिन रियल लाइफ में सोनू ने ऐसा काम किया कि लोग उन्हें भगवान की तरह पूजने लगे। जब देश में लॉकडाउन हुआ और प्रवासी मजदूर पैदल ही हजारों किलोमीटर अपने घर के निकल पड़े थे, तब सोनू ने अपने खर्चे पर बस की सुविधा करवाकर लोगों को उनके घर भेजा। बस के बाद ट्रेन और फिर हवाई जहाज से भी।
लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी सोनू ने अपने काम को जारी रखा है। उनके पास जैसे ही कोई मदद की उम्मीद लिए पहुंचता है तो वह उसकी उम्मीदों पर खड़े उतरते हैं। यही वजह है कि अब लोगों के बीच सोनू की छवि भगवान जैसी बन गई है। इतना ही नहीं, उनके नाम का एक मंदिर भी बनाया जा चुका है। सोनू सूद के सम्मान में तेलंगाना में एक मंदिर निर्माण कराया गया। ये मंदिर सिद्दीपेट के डब्बा टांडा गांव में बनाया गया।
इस मंदिर में लोगों ने उनकील मूर्ति की आरती उतारी और मंदिर में 'जय हो सोनू सूद' के नारे भी लगाए। खबरों के मुताबिक, मंदिर का निर्माण लॉकडाउन के दौरान सोनू सूद के लोगों की मदद करने के बाद किया गया था। मंदिर समिति के सदस्य रमेश कुमार ने इस बारे में कहा कि सोनू देश के लगभग सभी राज्यों में लोगों की मदद की है। यही कारण है गांव वालों की तरफ से हमने उनका मंदिर बनाने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि मंदिर में भगवान की तरफ से सोनू सूद के लिए प्रार्थना का आयोजन किया गया।