
70 से 80 के दशक में हिंदी सिनेमा में ज्यादातर फिल्मों में महिलाओं के साथ होने वाले अन्यायों को पर्दे पर दिखाया गया। उस दौर में एक अभिनेत्री ऐसी थी जिस पर फिल्मों में सबसे ज्यादा रेप सीन फिल्माए गए। इस अभिनेत्री का नाम था नजीमा। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों में सपोर्टिंग रोल किए। वह ज्यादातर बहन या अभिनेत्री की सहेली के किरदार में नजर आती थी।
बतौर बाल कलाकार शुरू किया कॅरियर:
नजीमा ने अपने फिल्मी कॅरियर की शुरूआत बाल कलाकार के तौर पर की। फिल्म 'बेबी चांद'और 'हम पंछी एक डाल के' जैसी फिल्मों में उन्होंने बेहतरीन अभिनय किया।
रेप सीन के लिए डायरेक्टर्स की पहली पसंद थी नजीमा:
70 से 80 के दशक की ज्यादातर फिल्मों में रेप सीन होते थे। ये सीन फिल्माने के लिए सभी डायरेक्टर्स की पहली पसंद नजीमा ही हुआ करती थी। नजीमा पर सबसे ज्यादा रेप सीन फिल्माने की वजह से वह 'रेप की रानी' के नाम से मशहूर हो गई थी। उन्हें फिल्म 'बेइमान' के लिए 1972 में बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस कैटेगरी में फिल्मफेयर के लिए नॉमिनेट किया गया था।
नहीं मिलते थे लीड रोल:
नजीमा को डायरेक्टर लीड रोल नहीं देते थे। उनको अभिनेत्री की बहन या सहेली का किरदार ही मिलता था। नजीमा ने 1968 में एक साक्षात्कार में कहा था,'मैं खुद नहीं जानती कि आखिर डायरेक्टर मुझे लीड रोल क्यों नहीं देना चाहते। मैं एक के बाद एक फिल्में सिर्फ इसी आशा में करती जा रही हूं कि शायद कभी मुझे बतौर लीड एक्ट्रेस ब्रेक मिलेगा।
बहुत कम उम्र में छोड़ गई दुनिया:
नाजिमा ने कम उम्र में ही काफी कुछ हासिल कर लिया था। महज 22 साल की उम्र में ही वो उस दौर की अभिनेत्रियों की नजरों में खटकने लगी थीं। अपने छोटे से कॅरियर में ही उन्होंने 30 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। नजीमा ने बॉलीवुड में नाम तो कमाया लेकिन वह 27 साल की उम्र में ही वर्ष 1975 में इस दुनिया को अलविदा कह गईं। दरअसल नजीमा को कैंसर हो गया था और इस बीमार ने उनकी जिंदगी छीन ली। उन्होंने निशान, आरजू , दिल्लगी, तमन्ना, अनजाना जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय किया।