
Vinod Khanna Last Wish: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता विनोद खन्ना, जिनका आज बर्थ एनिवर्सरी है, भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी यादें आज भी सिनेप्रेमियों के दिलों में जिंदा हैं। विनोद खन्ना ने अपने दमदार अभिनय से फैंस को खूब मनोरंजन किया। आज इस खास मौके पर हम आपको उनकी एक ऐसी इच्छा के बारे में बताने जा रहे हैं जो हमेशा अधूरी रह गई। दरअसल, विनोद खन्ना पाकिस्तान जाना चाहते थे, लेकिन उनका ये सपना कभी पूरा नहीं हो सका।
दरअसल, विनोद खन्ना का जन्म 6 अक्टूबर 1946 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था। बटवारे के बाद उनका परिवार भारत आ गया, जिसके चलते उनका पैतृक घर उनसे हमेशा के लिए छूट गया। साल 2014 में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के सांस्कृतिक धरोहर परिषद के महासचिव शकील वहीदुल्लाह से बातचीत के दौरान विनोद खन्ना ने पाकिस्तान जाने की अपनी इच्छा जाहिर की थी।
इस पर उन्होंने कहा था कि वो अपने पुश्तैनी घर को एक बार देखना चाहते हैं, लेकिन अफसोस कि उनकी ये ख्वाहिश अधूरी ही रह गई, उन्हें इजाजत नहीं मिली। विनोद खन्ना ही नहीं, बल्कि बॉलीवुड के कई अन्य सितारे जैसे मनोज कुमार, देवानंद और दिलीप कुमार भी पाकिस्तान से ताल्लुक रखते थे।
बता दें कि विनोद खन्ना ने 1968 में फिल्म 'मन के मीत' से अपने करियर की शुरुआत की थी और इसके बाद उन्होंने कई यादगार फिल्मों में काम किया, जिनमें 'मेरा गांव मेरा देश', 'हेरा फेरी', 'अमर अकबर एंथोनी', 'मुकद्दर का सिकंदर', 'परवरिश', 'कुर्बानी', 'चांदनी' और 'दबंग' शामिल हैं। इन सबके बीच 30 जुलाई 2018 को ब्लैडर कैंसर के कारण उनका निधन हो गया, लेकिन वे अपनी शानदार विरासत को हमेशा के लिए हिंदी सिनेमा में छोड़ गए।