विवेक ओबेरॉय हिंदी सिनेमा के उन चंद कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होने अपने दम पर अपना बाॅलीवुड करियर तय किया हैं। बता दे कि विवेक ओबेरॉय ने बड़े परदे पर शानदार शुरुआत करने के बाद अपनी शोहरत को संभाल नहीं सके और हाशिये पर पहुंच गए। चलिए जानते हैं उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से…
विवेक ओबेराय सुपर स्टार भले ही नहीं बन सके लेकिन उनके पापा सुरेश ओबेरॉय के नजर में वह अब भी सुपर स्टार ही हैं। बाॅलीवुड में सभी स्टार अपने बच्चों को आज या फिर कल लाॅच तो करते ही हैं। वैसे ही सुरेश ओबेराय अपने बेटे विवेक ओबेराय को बाकी स्टारसन्स की तरह फिल्मों में लांच करने की योजना बना रहे थे।
बता दे कि दोनो ने मिलकर स्क्रिप्ट भी फाइनल कर ली थी। लेकिन विवेक ओबेराय ने ये कह कर मना कर दिया कि उन्हें बाकि स्टारसन्स की तरह लांच होकर नेपोटिज्म को बढ़ावा नहीं देना हैं। विवेक ओबेराय ने एक आम एक्टर की तरह संघर्ष करके अपनी पहली फिल्म 'कम्पनी' हासिल की थी। उन्होने बाकी एक्टर की तरह अपना सफर तय किया हैं। उन्होने बाॅलीवुड में जो भी हासिल की हैं अपने बल पर की हैं।
किसी जमाने में सुरेश ओबेराय खुद भी सुपर स्टार बनने की ख्वाहिश रखते थे। अमिताभ बच्चन के लिए प्रकाश मेहरा की एक फिल्म ‘घुंघरू’ में लिखा रोल करने के लिए उन्होंने अपनी मूंछे भी साफ करा दी थीं, लेकिन फिल्म फ्लॉप हो गई। लेकिन वह चाहते थे कि उनका बेटा उनका सपना पूरा करे। विवेक को वह शुरू से सुपरस्टार कहकर ही बुलाते रहे हैं और बताते हैं कि घर में आज भी विवेक ओबेरॉय का उपनाम सुपरस्टार ही बना हुआ है।
विवेक ओबेराय की फिल्म 'साथिया' की सफलता के बाद निर्माता आदित्य चोपड़ा इस फिल्म की हिट जोड़ी विवेक ओबेराय और रानी मुखर्जी को अपनी अगली फिल्म 'हम तुम' में लेना चाह रहे थे। लेकिन इस फिल्म के लिए विवेक ने काफी ज्यादा पैसो की डिमांड कर दी थी। जिसके बाद इस फिल्म से उन्हें हटाकर फ अली खान को ले लिया। सैफ अली खान की कई फिल्में उन दिनों लगातार फ्लॉप रो रही थीं और फिल्म 'हम तुम' की सफलता ने सैफ अली खान की डूबती नैया को बचा लिया।