Zakir Khan And Javed Akhtar: जावेद अख्तर की एक टिप्पणी पर कॉमेडियन जाकिर खान ने कड़ा पलटवार किया है, जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
Zakir Khan And Javed Akhtar: फेमस कॉमेडियन जाकिर खान ने दिग्गज लेखक और गीतकार जावेद अख्तर के एक पुराने बयान पर अपनी राय दी, जिसमें उन्होंने कॉमिक्स में गाली-गलौज के इस्तेमाल पर टिप्पणी की थी। जावेद अख्तर ने एक बार कहा था कि कॉमेडियन वास्तव में मजेदार होते हैं, उन्हें अपने जोक्स में गालियां यूज करने की जरूरत नहीं होती क्योंकि गाली-गलौज की भाषा मिर्च के समान होती है जो फ्लेवर बढ़ाती है, मगर अच्छे कॉमिक्स के लिए इसकी जरूरत नहीं होती।
इतना ही नहीं, पिछले साल जावेद अख्तर ने एक टीवी शो में कहा था, "अगर बातचीत फीकी है तो थोड़ी गाली-गलौज डाल दें, जिससे एनर्जी आ जाए, बोलो" उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे गरीब इलाकों में लोग ज्यादा मिर्च खाते हैं क्योंकि उनका खाना थोड़ा फिक्का होता है, वैसे ही भाषा में गाली-गलौज फ्लेवर बढ़ाने के लिए जरूरी होती है, लेकिन अगर कोई कॉमिक अच्छा है तो उसे मिर्च यानी गाली-गलौज की जरूरत नहीं पड़ती।
जाकिर खान ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत के दौरान बताया, "मैं जावेद अख्तर की बहुत इज्जत करता हूं और उनके काम को भी पसंद करता हूं। एक आर्टिस्ट के तौर पर उनकी सोच और भाषा की समझ बहुत प्रभावित करती है। उनकी ये बात सही है कि अच्छे कॉमेडियन अपनी भाषा के जरिये बिना गाली-गलौज के भी बना जा सकता हैं।"
हालांकि, जाकिर ने ये भी साफ किया कि जावेद अख्तर की इस राय को सभी कॉमिक्स पर लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "हर कॉमिक का अपना अंदाज होता है और सभी शुरुआत में बेहतर सीखते और समझते भी हैं, ताकि अच्छा बने, तो आप उंगली नहीं उठा सकते।" बता दें, जावेद अख्तर की बात को ध्यान में रखते हुए, जाकिर खान ने नजरिया बदला और उसे अपनाया है जो कलाकारों की विविधता और स्वतंत्रता को सम्मान देता है। जावेद अख्तर, जो सलीम-जावेद की जोड़ी के हिस्से के रूप में फिल्मी दुनिया के सबसे टैलेंटेड लेखक में से एक माने जाते हैं।