आबिद रजा ने लिखी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी, अनुबंधपत्र निरस्त करने की मांग
बदायूं। बदायूं सदर के पूर्व दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री आबिद रजा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने लाल किले को पांच साल के लिए 50 करोड़ रुपये देकर किराए पर लेने की बात कही है। चिट्ठी में कहा गया है कि वो दोगुनी कीमत पर लालकिला किराए पर लेने को सहमत हैं या लालकिला उनको दिया जाए या फिर लालकिले को किराए पर डालमिया को देने का अनुबंधपत्र निरस्त किया जाए।
पूर्व विधायक, पूर्व दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री आबिद रजा का कहना है कि जिस महल में महाराजा रहते थे लाल किला मुगलो की अमानत है। मुसलमान ही नहीं हर हिंदुस्तानी की अमानत है, जिस पर आज़ादी के बाद प्रधानमंत्री झंडा फहराते आए हैं। ऐसी कौन सी मजबूरी थी जो 25 करोड़ में कौन सा लाभ था। समझ नहीं आता जो लालकिला किराए पर दिया। हिंदुस्तान बिक रहा है आज लालकिला बिका है कल ताज महल बिकेगा, परसों कुतुब मीनार बिकेगा। हो सकता है 2019 से पहले मोदी जी पार्लियामेंट भी बेच दें। 20 करोड़ मुसलमान ही है, अगर उनसे चंदा करूं तो बहुत आराम से 50 करोड़ जमा हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मेरा इरादा लालकिले से बिजनेस का नहीं है मैं उसका किराया भी नहीं लूंगा। उसकी कीमत 25 करोड़ बहुत कम है।उन्होंने चिट्ठी में कहा है कि मोदी जी ताजमहल कुतुबमीनार और 2019 से पहले संसद भवन को भी किराए पर उठा सकते हैं यह हर हिंदुस्तानी की धरोहर है अब क्या 15 अगस्त को झंडा भी डालमियां से पूछ कर फहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर उनको इजाजत दी जाए तो वह समाज के हर वर्ग से चंदा इकट्ठा करके दोगुनी कीमत पर लाल किला किराए पर लेने को तैयार हैं। वह इससे ज्यादा रकम चंदा करके जमा कर सकते हैं।
देश की धरोहर बेच देने का आरोप
आबिद रज़ा ने देश की धरोहर को बेच देने का आरोप प्रधानमंत्री मोदी पर लगाते हुए कहा कि 2019 से पहले पीएम पार्लियामेंट को भी किराए पर उठा सकते हैं। 2013 में केंद्र सरकार द्वारा अडॉप्ट हेरिटेज स्कीम के तहत पैसा लगवाया जा रहा है तो उन्होंने कहा कि मुझे तो यही पता चला है कि पांच साल के लिए लालकिला डालमिया को 25 करोड़ में किराए पर दिया है।