यूपी के बदायूं में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक बुजुर्ग महिला की हत्या उसी व्यक्ति ने कर दी, जिसे देखभाल के लिए छोड़ा गया था।
Budaun Crime News: यूपी के बदायूं के सहसवान इलाके में एक 65 साल की बुजुर्ग महिला की शनिवार को क्रूर हत्या कर दी गई। महिला पैरालिसिस से ग्रस्त थी और चल-फिर नहीं पाती थीं। वह काशीराम आवासीय कॉलोनी में कछला रोड के पास रहती थीं। उनके छोटे बेटे ने अपनी मां की देखभाल के लिए अपने पुराने दोस्त भोलानाथ को घर पर छोड़ दिया था। लेकिन उसी दोस्त ने इस बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या कर दी।
महिला का शव चारपाई पर पड़ा मिला। लोगों की सूचना पर बड़े बेटे मौके पर पहुंचा और उसे यह भयानक नजारा देखने को मिला। पोस्टमार्टम से पहले ही शव पर दांत से काटे गए निशान साफ दिख रहे थे। चेहरा और हाथों की उंगलियां चबाई गई थीं। कपड़े भी अस्त-व्यस्त हालत में थे। इस वजह से पुलिस को शक है कि हत्या से पहले महिला के साथ बलात्कार भी हुआ होगा।
आरोपी भोलानाथ को नशे की हालत में गिरफ्तार किया गया है। देर रात तक वह पूरी तरह होश में नहीं आया, इसलिए पुलिस उससे ज्यादा पूछताछ नहीं कर पाई। एसएसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि हर पहलू की जांच चल रही है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के होश आने के बाद और साफ जानकारी मिलेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जिसमें और कई बातें सामने आएंगी। पंचनामा में रेप की जांच का भी जिक्र किया गया है।
जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि भोलानाथ पहले भी हत्या के मामले में जेल जा चुका है। कई साल पहले उसने नशे के लिए पैसे न देने पर अपने ही पिता मोहनलाल की हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। भोलानाथ मूल रूप से बरेली जिले का रहने वाला है। उसके पिता मोहनलाल करीब 25 साल पहले बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के दहगवां कस्बे में आ बसे थे। वे यहां सब्जी और चाट का ठेला लगाते थे। बाद में सहसवान के जहांगीराबाद मोहल्ले में छोटी जमीन खरीदकर कच्चा मकान बनाया और परिवार के साथ रहने लगे। बताया जाता है कि भोलानाथ बचपन से ही गलत रास्ते पर था और आपराधिक प्रवृत्ति का था।
बुजुर्ग महिला के छोटे बेटे और भोलानाथ के बीच पुरानी गहरी दोस्ती थी। हाल ही में छोटा बेटा अलीगढ़ में लगी एक नुमाइश (मेला) में आइसक्रीम की दुकान पर काम करने चला गया। मां की देखभाल के लिए उसने भरोसेमंद समझकर भोलानाथ को घर पर छोड़ दिया। लेकिन इसी दोस्ती का गलत फायदा उठाकर भोलानाथ ने यह वारदात अंजाम दी।