पीड़ित महिला के परिजनों ने थाना पुलिस पर लगाया था लापरवाही बरतने का आरोप
बदायूं। 'पत्रिका' की खबर का एक बार फिर बड़ा असर हुआ है। बदायूं जिले में गैंगरेप के मामले में लापरवाही बरतने पर उझानी कोतवाली के इंस्पेक्टर को एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया है। वहीं मेडिकल रिपोर्ट में महिला के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि महिला को रंजिशन शिकार बनाया गया। घटना में एक महिला सहित चार लोग शामिल है। जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
सरसों के खेत में निर्वस्त्र मिली थी महिला
19 जनवरी की सुबह को उझानी क्षेत्र के एक गांव के बाहर सरसों के खेत में बेहोशी की हालत में एक महिला निर्वस्त्र पड़ी मिली थी। परिजनों का आरोप था कि उन्होंने घटना की सूचना फोन पर उझानी थाने और डॉयल 100 पर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इतना ही नहीं 108 एम्बुलेंस भी नहीं आई। जिससे परिजन पीड़ित महिला को प्राइवेट एम्बुलेस से जिला अस्पताल लेकर आए थे। यहां डॉक्टर्स ने भी पुलिस केस बताकर इलाज करने में आनाकानी की। हालांकि बाद में प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ित महिला को बरेली रेफर कर दिया। इस खबर को 'पत्रिका' ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया गया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई। एसएसपी ने लापरवाही बरतने के आरोप में इंस्पेक्टर उझानी राजीव शर्मा को सस्पेंड कर दिया।
मेडिकल रिपोर्ट में रेप की पुष्टि नहीं
एसपी सिटी कमल किशोर का कहना है कि परिजनों ने पुलिस को सूचना नहीं दी थी। पीड़िता के जिला अस्पताल आने पर पुलिस को घटना का पता चला है। उनका ये भी कहना है कि मेडिकल जांच में महिला के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि उसके साथ ज्यादती की गई। मारपीट भी हुई। पीड़ित महिला का इलाज बरेली के अस्पताल में चल रहा है। सीओ उझानी ने वहां पहुंच कर उसके बयान लिए हैं। पीड़ित महिला ने तीन लोगों के नाम बताए हैं। घटना में एक महिला भी शामिल थी। जिसको वो नहीं जानती है।
महिला सहित चार लोगों पर आरोप
एसपी सिटी ने बताया कि महिला ने जिन लोगों के नाम बताए हैं, वे उसी के खानदान के हैं। घटना के पीछे जमीनी रंजिश बतायी जा रही है। पीड़िता के गर्भवती होने की बात भी सामने आई थी। इससे महिला ने खुद इंकार किया है। हालांकि वो गैंगरेप होने की बात कह रही है। इसकी जांच कराई जा रही है। एसपी सिटी का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।