बदायूं

सुबह 5 बजे गांव में पहुंची पुलिस, 8 बजे चला लाठीचार्ज, बदायूं की प्रभात फेरी में बड़ा बवाल

बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ब्योर कासिमाबाद गांव में माघ माह की प्रभात फेरी को पुलिस ने विवादित रास्ता बताकर रोक दिया। इससे ग्रामीण भड़क गए।

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Jan 16, 2026
बदायूं में लाठीचार्ज से मचा हड़कंप Source- X

Budaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के ग्राम ब्योर कासिमाबाद में माघ माह की सुबह प्रभात फेरी निकाली जा रही थी। यह प्रभात फेरी पिछले 50 साल से एक ही रास्ते से निकलती आ रही है, लेकिन पुलिस ने इसे विवादित रास्ता बताकर रोक दिया। इससे ग्रामीण नाराज हो गए और हालात बिगड़ गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।

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पुलिस कार्रवाई और तनाव

दूसरे समुदाय के लोगों ने पहले दिन भी प्रभात फेरी रोकने की कोशिश की और पुलिस में शिकायत की। शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे पुलिस गांव पहुंची। ग्रामीण प्रभात फेरी निकालने पर अड़े रहे। गुस्सा देखकर बिल्सी, उघैती पुलिस और पीएसी बुलाई गई। एसडीएम बिसौली राशि कृष्णा और सीओ बिल्सी भी मौके पर पहुंचे। सुबह करीब 8 बजे पुलिस ने भक्तों पर लाठीचार्ज किया। इससे भगदड़ मच गई और महिलाएं व युवक घायल हो गए।

एसपी का हस्तक्षेप

सूचना मिलने पर एसपी देहात डॉ. हृदेश कठेरिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने पुलिस पर कार्रवाई की मांग की और हंगामा किया। काफी मशक्कत के बाद पुलिस पीछे हटी और प्रभात फेरी को निकलने दिया। एसपी ने कहा कि दूसरे समुदाय के विरोध के कारण प्रभात फेरी रोकी गई थी। बाद में पता चला कि यह पुरानी परंपरा है, इसलिए प्रभात फेरी निकलवाई गई। अब इस पर कोई रोक नहीं रहेगी। ग्रामीणों को समझा दिया गया है।

पहले भी हो चुका है कांड

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में कई सालों से प्रभात फेरी निकलती रही है। करीब 10 साल पहले सपा सरकार के समय एक समुदाय की आपत्ति पर रास्ता बदल दिया गया था। इस बार ग्रामीणों ने पुराने रास्ते से फेरी निकालनी शुरू की। इसी वजह से दूसरे समुदाय ने पुलिस को फोन कर आपत्ति जताई। गुरुवार की सुबह भी यही विवाद हुआ था और पुलिस ने फेरी को दूसरे रास्ते से निकलवाया था।

प्रभात फेरी निकलने के बाद भी घायलों के परिजन पुलिस व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। यह घटना सांप्रदायिक संवेदनशीलता को दिखाती है, जहां पुरानी परंपरा और आपत्ति के बीच टकराव हुआ। पुलिस ने स्थिति संभाल ली है, लेकिन ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है।

Updated on:
16 Jan 2026 02:37 pm
Published on:
16 Jan 2026 02:36 pm
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