
बुलंदशहर. उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुए सोमवार देर रात छेड़छाड़ के बाद दो महिलाओं की गाड़ी चढ़ाकर हत्या की घटना के बाद इलाके के दलित समाज खौफजदा हैं। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार बुरी तरह डरा हुआ है। हालात ये है कि लड़कियां घर से बाहर निकलने और बाजार तक जाने से डर रही है। इलाके के दलित युवतियों का आरोप है कि यहां लगातार छेड़खानी की वारदातें होती रहती है। अब छेड़खानी का विरोध करने पर पीड़ित के परिजनों पर गाड़ी चढ़ाकर दो लोगों की हत्या के बाद ऐसा लगता है कि कोई भी कभी किसी वारदात को अंजाम दे सकता है।
'पहले भी हुई थी छेड़छाड़ की घटनाएं, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई'
बुलंदशहर कोतवाली सिटी के नया गांव चांदपुर में सोमवार की रात को दलित युवती से छेड़छाड़ और विरोध करने पर 2 महिला की हत्या के मामले में परिवार अब भी डरा हुआ है। इलाके के दलित समाज के लोगों का आरोप है कि यहां पर ठाकुर समाज के लोग कभी भी हमसे झगड़ा कर देते हैं। ये लोग कभी भी हमारे साथ मार पिटाई कर देते हैं। लिहाजा, इस घटना के बाद दलित समाज की लड़किया घर से बाहर रोड पर निकलने से भी डरी रही हैं। वहीं, इस मामले पीड़िता कविता (काल्पनिक नाम) की बहन ने बताया कि लगातार ठाकुर समाज के लोग हम लोगों से छेड़खानी करने के साथ ही हमारे परिवार के साथ बदतमीजी और मार-पिटाई करते रहते हैं। हमने कई बार पुलिस को भी सूचना दी थी पर पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती है। अब इस घटना के बाद हम लोग डरे हुए हैं। हमें अब रोड पर निकलने से भी डर लगता है।
दलितों का आरोप, घर में घुसकर पिटाई करते हैं ठाकुर समाज के लोग
वहीं, इस मामले में पीड़िता के पड़ोस के बुजुर्ग कर्म सिंह ने बताया कि लगातार ठाकुर समाज के लोग हमारे साथ बदतमीजी और मार पिटाई तो करते थे। मगर छेड़छाड़ की घटना पहले कभी यहां पर नहीं हुई है। यह पहली घटना है। पीड़िता के दूसरे पड़ोसी गंगा दास ने बताया कि ठाकुर समाज के लोग दबंग है। हमारे समाज के यहां पर तीन-चार घर ही है। वह लोग कभी भी हमारे घरों पर हमला कर मार पिटाई कर देते हैं, लेकिन छेड़छाड़ की घटना पहले कभी नहीं हुई, यह घटना पहली बार हुई है।