बुलंदशहर के गुलावठी थाना क्षेत्र की घटना शहर के काबिल डॉक्टर की मौत से हर वर्ग आहत खुद को पूजा के कमरे में बंदकर कनपटी पर मारी गोली
बुलंदशहर. जिले के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों में शुमार डॉक्टर चैतन्यदेव तेवतिया के सुसाइड का मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि डॉ. चैतन्यदेव लंबे समय से अवसाद में चल रहे थे। उन्होंने खुद को पूजा के कमरे में बंद करके अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही आनन-फानन में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोलकर शव को कब्जे में लेते हुए पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
प्रभारी निरीक्षक थाना गुलावठी जितेन्द्र कुमार भड़ाना ने बताया कि लोगों से सूचना मिली थी कि राजवंशी फाउंडेशन नामक हॉस्पिटल में बने आवास में शहर के प्रमुख हृदय रोग चिकित्सक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। भड़ाना पुलिस टीम के साथ माैके पर पहुंचे तो डॉक्टर चैतन्यदेव तेवतिया अपने आवास में पूजा के कमरे लहूलुहान हालत में पड़े थे। उनके सिर में कान के पास गोली लगी थी। पुलिस ने मौके पर जांच करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही पुलिस ने उस कमरे को सील कर दिया है, जिसमें उनका मृत शरीर मिला था।
उन्होंने बताया कि आसपास के लोगों ने बताया है कि डॉक्टर चैतन्यदेव तेवतिया शहर के प्रमुख हृदय विशेषज्ञ में शुमार हैं। उनका हॉस्पिटल काफी दिनों से बंद था। इसलिए वह डिप्रेशन में चल रहे थे और घर में अकेले ही रहते थे। लोगों ने बताया कि उनकी पत्नी की भी पूर्व में ही मौत हो चुकी थी। जबकि उनके बच्चे उनसे अलग बाहर रहते हैं। अचानक शहर के एक काबिल डॉक्टर की मौत से हर कोई दुखी है। शहर के हर तबके के लोग डॉक्टर की मौत की खबर सुनकर उनके हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं।
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