बुलंदशहर एसएसपी एन कोलांची सस्पेंड एसपी चंदौली संतोष सिंह बुलंदशहर के नए एसएसपी भ्रष्टाचार और नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुधारने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए काफी सख्त हैं। इसी तहत सीएम योगी ने बुलंदशहर की समीक्षा करते हुए लापरवाही बरतने और अनियमितता पाए जाने पर सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर एन कोलांची को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किए जाने के आदेश दिए हैं।
मामले में अपर मुख्य सचिव ग्रह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस महानिदेशक डीजीपी ओपी सिंह की रिपोर्ट के आधार पर बुलंदशहर के कानून व्यवस्था एंव वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर एन कोलांची की कार्यप्रणाली की समीक्षा किए जाने पर पाया गया कि एसएसपी एन कोलांची ने थानाध्यक्षों और प्रभारी निरीक्षक के पद पर तैनाती में अनियमितता बरती है।
उनकी ओर से इस संबंध में निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन ना करके मन माने तरीके से निरीक्षक थानाध्यक्षों की नियुक्ति की गई और थानाध्यक्षों को बहुत ही कम समय में स्थानांतरित कर दिया गया। इसे लेकर एसएसपी एन कोलांची पर दो थाना अधीक्षकों को 7 दिन से कम तैनाती देने और एक थाना अधीक्षक को मात्र 33 दिन में बदल देने का आरोप है। उन्होंने बताया कि ये पुलिस महानिदेशक द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के बिल्कुल विपरीत है। एन कोलांची द्वारा दो थाना अधीक्षक को जिनको परी निंदा प्रविष्ट दी गई है नियमों के विपरीत तैनात किया गया।उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने डीजीपी मुख्यालय से गोपनीय जांच कराई थी जिसमें आरोप सही पाए गए।इसके बाद डीजीपी ओम प्रकाश सिंह की रिपोर्ट पर एसएसपी बुलंदशहर को निलंबित कर दिया गया।
रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि उनकी इस कार्यप्रणाली से पुलिसिंग की महत्वपूर्ण कड़ी थाना प्रभारी के स्थायित्व में कमी आई है तथा इस प्रकार नियुक्त प्रक्रिया पारदर्शी नहीं होने से आम जनमानस में पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। शासन की ओर से तत्कालिक प्रभाव से उनको निलंबित कर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबंध किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।