पूरे घटना क्रम पर सरकार बनाए हुए है नजर
बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश में साल 2015में एक अफवाह से शुरू हुई हिंसा ने अखलाख की जान ले ली, एक बार फिर कुछ ऐसी ही तस्वीर सामने आई है बुलंदशहर से। जहां गोवंश की अफवाह ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की जान ले ली। बेकाबू भीड़ ने थाना में पथराव किया तो कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। भारी हिंसा और बवाल के बाद फिलहाल स्याना में भारी पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। वहीं प्रशासन की ओर से 12 तक के सभी विद्यालय बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
ये हादसा कैसे हुआ और हालात किस तरह बिगड़ते चले गए, इसके बारे में मौके पर मौजूद सब इंस्पेक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि अचानक 500-600 लोगों की भीड़ आई और उसने पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। इसी दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को भी निशाना बनाया गया। सुरेश ने बताया कि भीड़ ने इस दौरान पत्थरबाजी शुरू कर दी, उन्हें भी पत्थर लगा। जिस कारण वो भी वहां गिर गए. सुरेश कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की जान बचाई जा सकती थी, लेकिन भीड़ की वजह से ही ऐसा नहीं हो पाया। सब इंसपेक्टर ने बाताया कि जिस दौरान सुबोध कुमार घायल हुए, अगर तभी उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया जाता तो शायद उनकी जान ना जाती लेकिन भीड़ ने उन्हें अस्पताल ले जाने ही नहीं दिया।
फिलहाल बुलंदशहर में भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार पर भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। इसके अलावा स्याना की घटना को देखते हुए एहतियातन आज4.12.18 को विकास क्षेत्र स्याना के कक्षा 12 तक के सभी विद्यालय बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।