इस वजह से हुर्इ पूर्व विधायक की मौत, जांच में जुटी पुलिस
बुलंदशहर।बुलंदशहर सदर विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके हाजी अलीम की बुधवार सुबह मौत हो गई थी।अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।इसकी वजह पुलिस अब हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी है।वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हाजी अलीम की कनपटी पर गोली लगने से मौत की वजह पता लगी है।हाजी अली की कनपटी से 30 एमएम की गोली कनपटी के आरपार निकली थी। हालांकि पुलिस को मौके से दो खोखा कारतूस बरामद हुए है।एेसे में एक बुलेट कहा चली।इसका पता लगाने में जुटी है।
अब आगरा से पहुंची टीम कर रही जांच
बुलन्दशहर सदर के पूर्व विधायक हाजी अलीम की मौत का मामला गहराने लगा है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने से मौत की पुष्टी के बाद पुलिस इसे हत्या आैर आत्महत्या के बीच जांच में जुटी है।वहीं पुलिस को मौके से दो कारतूस के खोखे मिले थे।जिसके बाद पुलिस की टीम जांच में जुटी है कि दूसरी गाेली कहा आैर कैसे चली।साथ ही इसकी जानकारी आैर गुत्थी सुलझाने के लिए आगरा से बुलन्दशहर पहुंची फोरेंसिक विशेषज्ञो की टीम जांच में जुट गर्इ है।फाेरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने हाजीम के घर पर घटना स्थल से कुछ नमूने एकत्र किये है।
पुलिस को माैके से मिली थी पिस्टल, इतने बार विधायक रह चुके है हाजी अलीम
बुधवार सुबह बुलंदशहर के पूर्व बाहुबली विधायक हाजी अलीम का शव उनके घर के कमरे में पड़ा मिला था।शव के पास ही एक पिस्टल भी पड़ी मिली है।संदिग्ध परिस्थियों में गोली लगने से उनकी मौत हुई है।हालांकि, पहले हार्ट अटैक से हाजी अलीम की मौत की बात बताई गई थी।लेकिन बाद में गोली लगने से मौत का खुलासा हुआ है। पुलिस इस केस में हत्या के एंगिल से भी जांच कर रही है।बताया जा रहा है कि वह घर पर अकेले थे। वहीं बता दें कि हाजी अलीम बुलंदशहर सदर विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर दो बार विधायक रह चुके हैं। वह पहली बार 2007 में विधायक बने थे।2007 में उन्होंने सपा प्रत्याशी महेंद्र सिंह यादव को हराया था। वहीं हाजी अलीम से पहले कोई भी बसपा प्रत्याशी बुलंदशहर सदर सीट से जीत दर्ज नहीं कर सका था। पहली बार हाजी अलीम ने ही यह सीट बसपा की झोली में डाली थी। इसके बाद 2012 के चुनाव में वह भाजपा के वीरेंद्र सिरोही को हराकर विधानसभा पहुंचे थे। 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें भाजपा के वीरेंद्र सिंह सिरोही से शिकस्त मिली थी।