बुलंदशहर

बिन मां के तीन बच्चों ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर लगाई पिता को रिहा करने की गुहार, देखें Video

Highlights- बुलंदशहर के शिकारपुर निवासी तीन बच्चे पिता के जेल में बंद होने से परेशान- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रशासन को दिए समस्या के समाधान के आदेश- मौके पर पहुंची जिला प्रशासन की टीम ने लिया बच्चों के हालात का जायजा

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Feb 13, 2020

बुलंदशहर. जिले के शिकारपुर में पिता के जेल जाने से परेशान पीड़ित भाई-बहन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखकर अपने जीवन यापन के लिए जेल में बंद पिता को जमानत देने की गुहार लगाई है। बुलंदशहर प्रशासन को जैसे ही राष्ट्रपति की तरफ से समस्या के समाधान के आदेश पहुंचे तो अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंची और पीड़ितों से पूछताछ की।

दरअसल, शिकारपुर की शिवलोक काॅलोनी निवासी पूर्वा शर्मा के साथ उसके भाई-बहन पिता के जेल में बंद होने से परेशान हैं। पूर्वा का कहना है कि उसकी मां का देहांत हो चुका है। वहीं पिता विक्रम सिंह काेर्ट में बाबू के पद पर तैनात थे, जिनको एक फर्जी मामले में फंसाते हुए 2018 में जेल भेज दिया गया था। पूर्वा ने बताया कि अब उसकी व उसके छोटे भाई-बहन की देखभाल बुआ कर रही हैं। कुछ दिन पहले पूर्वा ने राष्ट्रपति को एक पत्र लिखते हुए कहा था कि वह और उसका भाई भुखमरी के कगार पर हैं, शिक्षा का भी कोई साधन नहीं हो पा रहा है। उनके पिता जेल में बंद है, जिनको फर्जी तरीके से फंसाया गया है, लेकिन उनकी जमानत भी नहीं हो पा रही है।

पूर्वा के पत्र पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की तरफ से उत्तर प्रदेश सरकार को समस्या के समाधान को लेकर आदेश पहुंचते ही हड़कंप मचा गया। इसके बाद खुर्जा प्रशासन के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। एसडीएम ईशा प्रिया ने बताया कि पीड़ित बच्चों के खानपान व शिक्षा में रिश्तेदार मदद कर रहे हैं, लेकिन पिता के जेल में बंद होने व मां के देहांत के कारण बच्चे परेशान हैं। इसको लेकर पिता विक्रम सिंह के अधिवक्ता से संपर्क साधा गया तो उन्होंने बताया कि मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। अगले महीने जमानत मिलने की संभावना है।

Published on:
13 Feb 2020 10:51 am
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