बुलंदशहर

UGC नियमों से BJP में फूट! 12 नेताओं ने दिया इस्तीफा, इस बड़े चेहरे ने भी छोड़ी पार्टी

15 जनवरी 2026 से लागू UGC के नए नियमों को लेकर यूपी में छात्र और संगठन सड़कों पर हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ये नियम सामान्य वर्ग के खिलाफ हैं।

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Jan 29, 2026
यूपी में BJP के 11 बूथ अध्यक्षों का इस्तीफा

11 BJP Booth Presidents Resigned in Protest against New UGC Rules: उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन गुरुवार को भी जारी रहा। ये नियम 15 जनवरी 2026 को लागू हुए हैं, जिनका नाम 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस 2026' है। इन नियमों का मकसद उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव रोकना और समानता बढ़ाना है। लेकिन कई छात्र और संगठन इसे गलत मानते हैं और कहते हैं कि इससे सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ अन्याय होगा और कैंपस में अशांति फैलेगी। विरोध अब तीसरे दिन पहुंच गया है और कई जगहों पर लोग सड़कों पर उतर आए हैं।

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लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों का धरना

लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों ने गुरुवार को भी धरना दिया। वे विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास बैठे रहे और 'यूजीसी रोल बैक' के नारे लगाए। छात्रों का कहना है कि ये नए नियम भेदभाव बढ़ा सकते हैं और पढ़ाई पर असर डालेंगे। वे UGC से मांग कर रहे हैं कि नियम तुरंत वापस लिए जाएं। पिछले दिनों भी यहां सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन किया था और नारेबाजी की थी। छात्र संगठन इसे 'काला कानून' बता रहे हैं।

बुलंदशहर में BJP बूथ अध्यक्षों के इस्तीफे

बुलंदशहर जिले में UGC के नए नियमों के विरोध में भाजपा के 11 बूथ अध्यक्षों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि ये नियम उनके विश्वास के खिलाफ हैं और पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये इस्तीफे राजनीतिक स्तर पर भी हलचल मचा रहे हैं। कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ता नाराज दिख रहे हैं।

फर्रुखाबाद में BJP आईटी सेल संयोजक का इस्तीफा

फर्रुखाबाद में भी विरोध देखने को मिला। यहां भाजपा आईटी सेल के मंडल संयोजक ने अपना पद छोड़ दिया। उन्होंने UGC नियमों को गलत बताया और कहा कि ये सामान्य वर्ग के खिलाफ है। प्रदेश के कई जिलों लगातार इस्तीफे आ रहे हैं। कुछ जगहों पर सवर्ण समाज के लोग मुंडन कराकर या अन्य तरीकों से विरोध जता रहे हैं।

विरोध क्यों बढ़ रहा है?

UGC के इन नियमों में उच्च शिक्षा संस्थानों में इक्विटी स्क्वाड बनाने और जातिगत भेदभाव पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। विरोध करने वाले कहते हैं कि ये नियम एक तरफा हैं और सामान्य छात्रों को नुकसान पहुंचाएंगे। कई संगठन जैसे करणी सेना, सवर्ण सेना आदि सड़कों पर उतरे हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है, जहां याचिकाओं पर सुनवाई हो रही है। यूपी में ये विरोध अब राजनीतिक मुद्दा बन गया है और सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। छात्र और नेता नियम वापस लेने की मांग कर रहे हैं। अगर ये विवाद बढ़ता रहा तो आगे और बड़े प्रदर्शन हो सकते हैं।

Published on:
29 Jan 2026 01:15 pm
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