झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर आखिरकार सरकार की नींद टूटी। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने के निर्देश दिए है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण जर्जर स्कूल भवन में हादसों की आशंका को देखते हुए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा एवं आयुक्त स्कूल शिक्षा अनुपमा जोरवाल ने एक आदेश जारी कर विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
बूंदी. झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर आखिरकार सरकार की नींद टूटी। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने के निर्देश दिए है। प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण जर्जर स्कूल भवन में हादसों की आशंका को देखते हुए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा एवं आयुक्त स्कूल शिक्षा अनुपमा जोरवाल ने एक आदेश जारी कर विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही इस संबंध में राजस्थान उच्च न्यायालय ने प्रसंज्ञान लेते हुए सरकार से जर्जर विद्यालयों भवनों, कक्षों के स्थान पर विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था की विद्यालयवार सूची प्रस्तुत करने को कहा है। इधर,
स्कूल शिक्षा की प्राप्त सर्वे रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 3768 राजकीय विद्यालय भवन जर्जर पाए गए है।
ऐसे में हाईकोर्ट के निर्देश पर राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने सभी कलक्टर को पत्र लिखकर जर्जर घोषित विद्यालयों के स्थान पर अध्ययन के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था की विद्यालयवार सूचना मांगी है। वहीं शिक्षा विभाग ने बूंदी के 35 जर्जर भवनों की रिपोर्ट भेज उनके वैकल्पिक स्थान की सूचना मुख्यालय को भेज दी है।
सर्वे रिपोर्ट में हुआ खुलासा
आयुक्त शिक्षा की ओर से सभी जिलों के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं समसा के पदेन जिला परियोजना समन्वयकों को पत्र लिखकर जर्जर भवनों को जमींदोज करने करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने बताया कि जिला कलक्टरों के माध्यम से गठित तकनीकी दलों की ओर से किए गए सर्वे के अनुसार प्रदेश में सर्वे रिपोर्ट के अनुसार चयनित 3768 राजकीय विद्यालय भवन जर्जर पाए गए हैं। ऐसे में भारत व राज्य सरकार की ओर से जर्जर भवनों के स्थान पर नवीन भवन निर्माण के लिए स्वीकृति जारी किए जाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजने है। इसके लिए अविलंब जर्जर भवनों को जर्जर घोषित करते हुए उन्हें जमींदोज करें।
बूंदी जिले में 2 हजार से अधिक कक्षा-कक्ष जर्जर
जिले में निर्माण के बाद लंबे समय से देखरेख व सालाना मरम्मत नहीं होने के कारण भवनों की स्थिति खराब है। ऐसे में जिले के 1230 स्कूलों का सर्वे पूर्ण होने के बाद तब संस्था प्रधानों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट का वेरीफिकेशन किया गया। तब स्थानीय विभाग द्वारा अगस्त माह में भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में 2 हजार 233 कक्षा-कक्ष जर्जर हालात में पाए गए। इसके अलावा सीलन, छत मरम्मत, पट्टी की छत व पूर्णतया जर्जर की संख्या आदि के लिए लगभग विभाग ने 15 करोड़ का बजट माना है, जिससे इनकी मरम्मत आदि कार्य पूर्ण होंगे। हालांकि पूर्व में विभाग के पास आपदा प्रबंधन राहत से स्कूल मरम्मत के लिए बजट भी आया है।
यह की विभाग ने व्यवस्था
जिले में जमींदोज किए गए 35 में से 30 विद्यालय भवनों के प्रस्ताव बनाकर बनाकर भिजवा दिए गए हैं। फिलहाल जर्जर भवनों के स्थान पर वैकल्पिक रुप में निजी भवन, सहकारी भवन, कई विद्यालय में टीन शेड आदि की व्यवस्था की गई।
दलीप ङ्क्षसह गुर्जर, अतिरिक्त जिला परियोजना समग्र शिक्षा, बूंदी
भूमि संबंधी आवंटन के कारण पांच विद्यालयों के प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है।
अशोक उपाध्याय, अधिशाषी अभियंता,बूंदी