
बूंदी. शहर की सांस्कृतिक पहचान बन चुके कुम्भा स्टेडियम और तीज मेला मैदान का स्वरूप अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। करीब 25.27 करोड़ रुपए की लागत से 13.14 एकड़ क्षेत्र में इसका व्यापक विकास किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद बूंदी को एक आधुनिक बहुउद्देश्यीय परिसर मिलेगा, जहां वर्षभर सांस्कृतिक, धार्मिक, सामाजिक और व्यावसायिक कार्यक्रम बेहतर सुविधाओं के साथ आयोजित किए जा सकेंगे। उल्लेखनीय है कि कुछ दिनों पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बूंदीवासियों के साथ संवाद कर शहर के समग्र विकास के लिए मास्टर प्लान पर विचार-विमर्श किया था। इस दौरान शहरवासियों से विभिन्न विकास योजनाओं के सुझाव भी आमंत्रित किए गए थे, जिन्हें शामिल करते हुए इस परियोजना को अंतिम रूप दिया गया है। परियोजना की निविदा शीघ्र ही खोली जाएगी।
कुम्भा स्टेडियम लंबे समय से शहर के प्रमुख आयोजनों का केंद्र रहा है। यहां हर वर्ष अगस्त-सितंबर में 15 दिवसीय तीज मेले का आयोजन होता है, जिसमें हजारों लोग पहुंचते हैं। वहीं दशहरा उत्सव पर रावण दहन और आतिशबाजी देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं।
वर्तमान में स्टेडियम परिसर के लगभग 3,000 वर्गमीटर क्षेत्र में ही स्थायी निर्माण है, जबकि शेष हिस्सा कच्चा मैदान है। बरसात के दौरान मैदान में कीचड़ होने से मेले के संचालन में परेशानी होती है। वहीं मौजूदा मंच भी बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों की आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं है।
परियोजना के तहत नया स्थायी मंच बनाया जाएगा। इसके साथ दो ग्रीन रूम और एक वीआईपी कक्ष भी विकसित किए जाएंगे। मंच को बंसी पहाड़पुर के लाल पत्थर से आकर्षक रूप दिया जाएगा। मंच के सामने लगभग 2,700 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थायी टेंसाइल फैब्रिक डोम बनाया जाएगा, जहां करीब 3,000 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। इससे बारिश के दौरान भी सांस्कृतिक कार्यक्रम निर्बाध रूप से आयोजित किए जा सकेंगे।
परियोजना के अंतर्गत भव्य मुख्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। इसकी बाहरी सतह पर बंसी पहाड़पुर के लाल पत्थर की क्लेङ्क्षडग की जाएगी और पर्याप्त फोकस लाइटें लगाई जाएंगी। करीब तीन मीटर ऊंची मेहराबनुमा सामने की दीवार तथा लगभग 768.15 मीटर लंबी परिधि दीवार को भी नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। लाल पत्थर और आधुनिक प्रकाश व्यवस्था से पूरे परिसर का आकर्षण और बढ़ जाएगा।
नगर परिषद कार्यालय के सामने तथा टाउन हॉल की बाउंड्री के पीछे लगभग 9,420 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक पार्किंग विकसित की जाएगी। यहां 214 कारों, 41 इलेक्ट्रिक वाहनों और 462 दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा होगी। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 41 ईवी चार्जिंग पॉइंट भी लगाए जाएंगे।इसके अलावा तीन अलग-अलग स्थानों पर पुरुषों और महिलाओं के लिए शौचालय, पेयजल की व्यवस्था तथा एक फीङ्क्षडग रूम भी बनाया जाएगा, ताकि मेले और अन्य आयोजनों में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
विकास कार्य पूरा होने के बाद तीज मेले में झूलों, दुकानों और अन्य गतिविधियों का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा। सीसी सडक़ और नालियों के निर्माण से बरसात के दौरान कीचड़ और गंदगी की समस्या से राहत मिलेगी। मेले के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम, मेडिकल रूम और फायर रूम जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी। स्थायी मंच और वाटरप्रूफ डोम बनने से नगर परिषद को हर वर्ष अस्थायी व्यवस्थाओं पर होने वाले खर्च में भी कमी आएगी।
परियोजना के तहत रावण दहन के लिए स्थायी प्लेटफॉर्म का निर्माण भी किया जाएगा। इससे दशहरा उत्सव का आयोजन अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और आकर्षक हो सकेगा। वहीं मुख्य प्रवेश द्वार, छतरियों और आकर्षक पत्थर की सजावट से कुम्भा स्टेडियम और तीज मेला परिसर बूंदी की सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप नए और भव्य स्वरूप में नजर आएगा।